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2027 से नहीं होगा आरएसएस का मालवा प्रांत

उज्जैन-इंदौर विभाग अलग-अलग होकर संभाग बनेंगे

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। अगले साल (मार्च-2027) से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का मालवा प्रांत नहीं रहेगा। इस प्रांत को दो संभाग उज्जैन-इंदौर में बांट दिया जाएगा। हर संभाग की व्यवस्था एक प्रचारक के पास होगी।

शताब्दी वर्ष में आरएसएस ने अपना विस्तार करने की कड़ी में प्रांत व्यवस्था को सिकोड़कर संभाग व्यवस्था को अपनाने का फैसला किया है। हरियाणा के पानीपत में हुई प्रतिनिधि सभा के बाद संघ कार्यों की जानकारी अब प्रांत स्तर पर दी जा रही है। इसी कड़ी में मालवा प्रांत के संघचालक प्रकाश शास्त्री और प्रांत कार्यवाह विनीत नवाथे ने इंदौर में संघ के कामों का ब्योरा सामने रखा। इसमें संघ काम का भूगोल समझाया। संघचालक के मुताबिक मार्च-2027 से मालवा प्रांत की जगह उज्जैन और इंदौर संभाग लेंगे। अब अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा का अधिवेशन तीन साल में एक बार होगा। संघ के अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक अक्टूबर-नवंबर में इंदौर में होगी। इसमें देश के सभी प्रांतों को 450 कार्यकर्ता शामिल होंगे।

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मालवा प्रांत ने इस साल यह काम किए

1489 विजयादशमी उत्सव किए। 4.05 लाख स्वयंसेवक शामिल हुए।

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311 परिसर व्याख्यान और 179 युवा संगम किए। 1.88 लाख युवा जुड़े।

181 सामाजिक सद्भाव बैठक की। 10840 लोगों ने सहभागिता की।

111 समाज के 284 प्रमुखों से सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने संवाद किया।

3762 प्रभातफेरियां, 2867 महिला बैठक, 8669 मोहल्ला बैठक, 3129 कलश यात्रा, रामधुन और सुंदरकांड पाठ किए। इनमें 70 लाख लोग शामिल हुए।

1359 मंडल, 969 बस्तियों में 82 हजार टोलियों ने 32 लाख परिवार से संपर्क किया।

150 नई विद्यार्थी शाखा शुरू हुई।

अप्रैल में यह आयोजन: नगर एवं खंड स्तर पर 135 जनगोष्ठियों का आयोजन होगा।

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