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तस्करों से 21 करोड़ की कीमती 2 खाल बरामद

वॉट्सएप ग्रुप पर तेंदुए की खाल बेचने का सौदा

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस नागपुर यूनिट की टीम को यह खबर मिली थी कि उज्जैन में तेंदुए की खाल और वन्य जीवों के नाखून आदि बेचने की कोशिश चल रही है। कुछ तस्कर हैं, जो इस प्रकार के कारोबार में लगे हुए है। यूनिट की टीम ने इस संबंध में वन विभाग के अधिकारियों से चर्चा की। उन्हें बताया कि उज्जैन में किस तरह का कारोबार चल रहा है। इसके बाद नागपुर यूनिट को जो इनपुट मिले थे उस आधार पर तस्करों के नंबर तलाशे गए।

डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस नागपुर यूनिट और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में 21 करोड़ रुपए कीमत की दो तेंदुए की खालें (सिर सहित) और एक जंगली सूअर का दांत जब्त किया गया है। इस कार्रवाई में दो वन्यजीव तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है। आरोपी वॉट्सएप ग्रुप के जरिए खालें बेचने का सौदा कर रहे थे। इसी सूचना के आधार पर डीआरआई ने उज्जैन में होटल पर छापा मारकर यह बड़ी कार्रवाई की। डीआरआई नागपुर यूनिट को इनपुट मिला था कि दो व्यक्ति उज्जैन में होटल में अवैध रूप से तेंदुए की खाल और अन्य वन्यजीव उत्पाद बेचने की कोशिश कर रहे हैं। इस सूचना के आधार पर डीआरआई और वन विभाग की टीम नकली ग्राहक बनकर होटल पहुंचीं। सौदे की पुष्टि होते ही मौके पर दबिश दी गई और दोनों आरोपियों- शैलेंद्र व्यास निवासी विजय नगर, इंदौर और किशोर जैन निवासी उज्जैन को हिरासत में लिया गया।

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जब्त खाल और दांत प्रतिबंधित है
वन विभाग के एसडीओ कैलाश भधकरे ने बताया कि आरोपियों के पास से दो तेंदुए की खालें (सिर सहित) और एक जंगली सूअर का दांत जब्त किया गया है। वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972 के तहत तेंदुए को शेड्यूल-1 प्रजाति में रखा गया है, जिसके किसी भी अंग का व्यापार, खरीद-फरोख्त और संग्रहण पूरी तरह प्रतिबंधित है। जब्त दांत भी इसी कानून की श्रेणी में आता है। पूछताछ में आरोपियों ने तेंदुए की खाल की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 21 करोड़ रुपए बताई है।

खाल दान में मिलने की कहानी झूठी
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने दावा किया कि यह खालें उनके पिता को वर्ष 1970 में एक महाराज ने दान में दी थीं, लेकिन वे इसका कोई दस्तावेज या प्रमाण पत्र नहीं दिखा पाए। उन्होंने खाल बेचने का विज्ञापन वॉट्सऐप ग्रुप में डाला था, जिससे डीआरआई को सूचना मिली और यह कार्रवाई की गई।

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18 मई तक पुलिस रिमांड पर भेजा
गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 18 मई तक के लिए रिमांड पर भेजा गया है। जब्त की गई सामग्री और मामले की आगे की जांच उज्जैन वन मंडल द्वारा की जा रही है।

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