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24 राज्यों के 228 कारीगरों को मिलेगा मंच, मेला होगा डिजिटल और प्लास्टिक मुक्त

हस्तशिल्प मेला 13 नवंबर से, ‘वोकल फॉर लोकल’ थीम पर सजेगा मेला

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। शिल्पकारों को अपने उत्पादों के लिए सशक्त बाज़ार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस वर्ष हस्तशिल्प मेला 13 से 24 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा। इस बार का मेला पूरी तरह से वोकल फॉर लोकल और स्वदेशी उत्पादों पर केंद्रित रहेगा, जिसमें देशभर के साथ स्थानीय कारीगरों को भी एक बड़ा मंच मिलेगा।मेले में 228 हस्तशिल्प दुकानें और 32 फूड कोर्ट स्टालों की स्थापना की जा रही है। दुकानों के आवंटन के लिए देश के 24 राज्यों से 1100 से अधिक आवेदन ऑनलाइन प्राप्त हुए हैं, जिनका कंप्यूटराइज्ड चयन पूरा हो चुका है। जिला पंचायत प्रशासन ने बताया कि इस बार दुकान किराया 1000 रुपए बढ़ाकर तय किया गया है।

पंजीयन से लेकर भुगतान तक सब कुछ डिजिटल
जिला पंचायत प्रशासन के अनुसार, मेला परिसर को हर दृष्टि से डिजिटल और पर्यावरण-अनुकूल बनाया जा रहा है। भुगतान, टिकटिंग और पंजीयन की सभी प्रक्रियाएं आनलाइन होंगी। सजावट में ग्रामीण कला, लोककला और पारंपरिक डिजाइन का विशेष उपयोग होगा।

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पिछले साल 50 लाख कमाए
पिछले वर्ष के आयोजन में लगभग 50 लाख की आय हुई थी, जिसमें से 45 लाख प्रबंधन कार्यों पर खर्च हुए थे। इस बार खर्चों में संतुलन लाते हुए मेले को आत्मनिर्भर और लाभकारी स्वरूप देने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। ताकि खर्च कम किया जा सके। साथ ही कमाई बढ़ाने के लिए दुकानों का किराया भी बढ़ाया गया है।

यह सामान मिलेगा मेले में
हस्तशिल्प एवं मेला परिसर में मिट्टी के बर्तन, जूट उत्पाद, हैंडलूम, वस्त्र, लकड़ी के हस्तशिल्प और फूड जोन प्रमुख आकर्षण होंगे। आयोजन समिति ने संकल्प लिया है कि यह संस्करण उज्जैन की सांस्कृतिक पहचान को और सशक्त करेगा।

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