30 डिग्री पर पहुंचा अधिकतम तापमान, दिन और रात के तापमान में 17.6 डिग्री का अंतर

पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म, मौसम में आने लगी गर्माहट
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अस्पतालों में बढऩे लगी वायरल फीवर के मरीजों की संख्या
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। पिछले दिनों पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के कारण पहाड़ों पर हुई बर्फबारी से सर्द हुए मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर खत्म होते ही मौसम में गर्माहट आने लगी है। इसके चलते दिन और रात के तापमान में भी बढ़ोत्तरी हुई है। सोमवार सुबह आसमान साफ रहा और तेज धूप खिली। हालांकि, सुबह मामूली ठंडक रही लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया धूप के तेवर और तल्ख होते चले गए। सोमवार को अधिकतम तापमान ३० डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। वहीं न्यूनतम तापमान 12.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
शासकीय जीवाजी वेधशाला के अधीक्षक डॉ. आरपी गुप्त ने बताया कि रविवार से पश्चिमी विक्षोभ एक बार फिर से सक्रिय हुआ है जिसके चलते तापमान बढऩे लगा है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण उत्तर भारत में पहाड़ों पर फिर बर्फबारी हो सकती है। जिसके बाद वहां से आने वाली ठंडी हवा से तापमान में गिरावट आ सकती है।
दिन-रात के तापमान में 17.6 डिग्री का अंतर
इधर, दिन और रात के तापमान में 17.6 डिग्री सेल्सियस का अंतर है जो सेहत पर विपरीत असर डाल रहा है। सुबह और शाम के वक्त हल्दी ठंड महसूस हो रही है, वहीं दोपहर में चटक धूप के चलते गर्मी लग रही है। तापमान में आए बड़े अंतर के कारण वायरस इंफेक्शन बढ़ रहा है जिससे लोग बीमार हो रहे हैं।
वायरल फीवर के केस बढ़े
बार-बार मौसम बदलने से सेहत भी खराब हो रही है। इससे वायरल फीवर सहित सर्दी, खांसी, जुकाम, गला और हाथ-पैरों में दर्द, दस्त जैसी शिकायतें लेकर बड़ी तादाद में मरीज चरक अस्पताल पहुंच रहे हैं। इसके अलावा निजी क्लीनिक पर मरीजों की भीड़ है। जब तक मौसम एक समान नहीं होगा या तापमान में अंतर कम नहीं होगा तब तक शहरवासियों को सेहत का ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत है।
इनका कहना
उत्तरी भारत से सर्द हवा नहीं आने से टेम्प्रेचर बढऩा शुरू हो गया है। इस माह में एक या दो वेस्टर्न डिस्टरबेंस और आ सकते हैं। जिसके बाद उत्तर भारत से हवा आती है तो तापमान फिर नीचे जाने लगेगा।
– डॉ. आरपी गुप्त, अधीक्षक
शासकीय जीवाजी वेधशाला









