ओलावृष्टि: 72 घंटे में 36 हजार किसानों ने किए फोन, फसल की बर्बादी बताई

10 दिन तक चलेगा नुकसानी सर्वे का काम, इसके बाद बीमा रकम की गणना

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। जिले में मंगलवार की शाम हुई बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि ने 36 हजार से ज्यादा खेतों में उपज को नुकसान पहुंचाया है। बीमा कंपनी ने 72 घंटे के भीतर किसानों से ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की अपील की थी, इस अवधि में 36 हजार खेत से नुकसान की जानकारी सामने आई है।
रबी की फसल के लिए उज्जैन जिले में 15 जनवरी तक फसल बीमा रजिस्ट्रेशन किए गए थे। बीमा रजिस्ट्रेशन का काम इधर खत्म ही हुआ था कि ओलावृष्टि के रूप में नुकसान के बाद किसानों को बीमा की जरूरत भी पड़ गई। खेतों में हुए नुकसान की जानकारी 72 घंटे के भीतर देना अनिवार्य होती है। मंगलवार की शाम हुए नुकसान के बाद से यह अवधि पूरी हो चुकी है। जिले के 36 हजार से ज्यादा किसानों ने अलग-अलग सर्वे नंबर के अपने खेतों में हुए नुकसान की जानकारी इफको-टोकियो बीमा कंपनी को भेजी है। बीमा कंपनी के जिला प्रबंधक भगवानसिंह बगड़ावत के मुताबिक अगले 10 दिन बीमा कंपनी और कृषि विभाग के कर्मचारी पोर्टल में दर्ज नुकसान वाली जगहों पर जाकर भौतिक सत्यापन करेंगे और इसके बाद बीमा क्लेम की गणना का काम शुरू होगा।
1 लाख 43 हजार किसानों ने चुकाए 20 करोड़
रबी सीजन 2026 के लिए उज्जैन जिले में 1 लाख 43 हजार किसानों ने फसल बीमा कराया है। इसके लिए किसानों ने 20 करोड़ 74 लाख रुपए प्रीमियम के रूप में कंपनी को जमा कराए है। 41 करोड़ 16 लाख सेंट्रल और इतनी ही रकम राज्य सरकार अपने हिस्से से बीमा कंपनी को देगी। किसानों ने भी प्रीमियम राशि जमा करवाई है।









