उज्जैन बदनावर फोरलेन का 60% काम पूरा

समय सीमा से पहले पूर्ण होने की उम्मीद, सिंहस्थ 2028के लिए उपयोगी होगा
अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन:देवास से उज्जैन,पेटलावद होकर अमरोली तक फोरलेन प्रोजेक्ट में उज्जैन-बदनावर फोरलेन के हिस्से का 60 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। उम्मीद है कि यह काम समय सीमा (दिसंबर-२०२४) से पहले पूर्ण जाएगा। केंद्र सरकार ने देवास से उज्जैन, पेटलावद होकर अमरोली तक फोरलेन प्रोजेक्ट के महत्व को समझते हुए देखते हुए नेशनल हाईवे का दर्जा देकर 1 हजार 143 करोड रुपए स्वीकृत किए थे। भूमि अधिग्रण से लेकर निर्माण तक में तेजी दिखाई दी। इसके प्रथम चरण का काम पूर्ण होने की समय सीमा दिसंबर 2024 है।
उज्जैन-बदनावर फोरलेन में लेबड़ नयागांव फोरलेन का निर्माण कार्य 60 प्रतिशत पूरा हो चुका है। इसकी एक लेन में टुकड़ों-टुकड़ों में करीब 50 किमी क्षेत्र में डामरीकरण भी किया जा चुका है। चामला और गंभीर नदी दो प्रमुख नदियों पर मेजर ब्रिज बनाने का काम शुरू किया गया है। निर्माण की गति को देखते हुए इस मार्ग के समय से पहले जुलाई के पूर्व तक पूर्ण किए जाने की संभावना जताई गई है। दिसंबर 2021 में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने यातायात के दबाव को देखते हुए उज्जैन से पेटलावद के अमरोली तक 139 किमी लंबा फोरलेन निर्माण में तब्दील करने की योजना बनाई थी। उज्जैन से बदनावर तक 69.1 किलोमीटर फोरलेन के लिए जमीन अधिग्रहण कर तत्काल मुआवजे बांटे गए।
प्रोजेक्ट मास्टर प्लान अनुसार
सात नगर व गांवों के मास्टर प्लान को ध्यान में रखकर इसे आबादी से दूर बनाया जा रहा है। गांवो में ओवरब्रिज व अंडरपास बनाए जा रहे हैं। इस पर आने वाले सभी अंधे मोड समाप्त करने के लगभग चार-पांच किमी की दूरी कम होगी। हालांकि पहले चरण में यह देवास-उज्जैन-बदनावर तक ही बन रहा है। दूसरे चरण में पेटलावद के अमरोली और गुजरात के लिमडी तक इसे फोरलेन में तब्दील किया जाएगा। इसमें गुजरात का उज्जैन, इंदौर व भोपाल से सीधा संपर्क जुड़ जाएगा। घुमावदार मोड़ खत्म होने तथा फोरलेन होने से दुर्घटनाओं में निर्णायक कमी आएगी। पूरे मार्ग पर केवल एक ही टोल खरसौद के पास बनाया जाएगा।
चार गुना बढ़ा यातायात
20 साल पहले उज्जैन, बदनावर व थान्दला तक यह महत्वपूर्ण मार्ग सिंगल लेन था। साल 2004 के सिंहस्थ मेले के दौरान ही इसका टूलेन का काम चल रहा था। अब महाकाल लोक निर्माण के बाद इस पर समूचे गुजरात सहित उत्तरी महाराष्ट्र, राजस्थान के बांसवाड़ा, डूंगरपुर, सिरोही सहित धार, झाबुआ, अलीराजपुर का यातायात चार गुना अधिक बढ़ गया है। 2028 के सिंहस्थ के दौरान यह अत्यधिक व्यस्ततम मार्ग रहेगा।









