Advertisement

संसार की वस्तुएं क्षणिक सुख दे सकती है लेकिन वास्तविक सुख नहीं

उज्जैन। आचार्य देवेश श्रीमद विजय नित्यसेन सूरीश्वर महाराज साधु मंडल के साथ 4 साल के लंबे अंतराल के पश्चात उज्जैन नगर पधारे। यहां नागेश्वर पाश्र्वनाथ मंदिर अरविंद नगर, नयापुरा एवं ज्ञानमंदिर नमकमंडी श्रीसंघ को गुरुदेव ने अपना समय देकर प्रवचन के साथ ही आगामी नवीन धार्मिक प्रकल्पों के लिए प्रेरणा दी। नमकमंडी श्रीसंघ ने गुरुदेव को आराधना भवन का निर्माण जल्द करवाने का आश्वासन दिया।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

Advertisement

विधायक पारस जैन, श्रीसंघ अध्यक्ष राजबहादुर मेहता, शांतिलाल रुनवाल के साथ ही समाजजनों ने मार्ग में विभिन्न स्थानों पर गवली कर गुरुदेव की अगवानी की। वहीं महिला परिषद अध्यक्ष आशा खाबिया एवं बहु परिषद की रुचिका कोठारी के साथ सभी सदस्यों ने ज्ञानमंदिर द्वार पर गवली के साथ गुरुभगवंतों को बधाया।

मुनिराज निपुणरत्न विजयजी ने अपने प्रवचन में वास्तविक स्वरूप की पहचान बताते हुए कहा कि जीवन में धन, वैभव या निर्धनता हमारा वास्तविक स्वरूप नहीं है यह आता जाता रहता हैं, इनसे मोह ही दुख का सबसे बड़ा कारण है। संसार की वस्तुएं क्षणिक सुख दे सकती है लेकिन वास्तविक सुख नहीं। प्रवचन के पश्चात सभा आयोजित की गई जिसमें परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुशील गिरिया को श्रद्धांजलि दी। वीरेन्द्र गोलेचा ने बताया सभा में श्रीपाल मेहता एवं नरेन्द्र तल्लेरा ने सामूहिक गुरुवंदन करवाया।

Advertisement

Related Articles