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एसडीईआरएफ के जवानों ने शिप्रा नदी में डूबने से पिता-पुत्र को बचाया

अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन एसडीईआरएफ के जवानों ने आज सुबह फिर दो लोगों को शिप्रा नदी में डूबने से बचा लिया। यदि कुछ सैकंड की भी देरी हो जाती तो पिता-पुत्र एक साथ शिप्रा नदी में डूब सकते थे।जवानों की सतर्कता से दो जिंदगी बच गई।

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रविवार सुबह महाराष्ट्र में रहने वाला बोरकर परिवार शनिवार रात उज्जैन आए थे। रविवार सुबह महाकाल दर्शन से पूर्व वे शिप्रा नदी में स्नान के लिए चले गए। पिता हरेंद्र राव बोरकर 45 वर्षीय और उनका बेटा आयुष २२ वर्ष दोनों एक साथ शिप्रा नदी में स्नान के लिए उतरे थे। अचानक आयुष का पैर फिसल गया और वो गहराई में जाने लगा। उसे बचाने के लिए हरेंद्र उसे पकडऩे गए तो वे भी डूबने लगे।

घटनाक्रम देखकर घाट पर मौजूद परिवार की महिलाएं घबराकर चिल्लाने लगीं। आवाज सुनकर पास ही खड़े एनडीईआरएफ के जवान महेश सोलंकी, राजेंद्र कुमार और रशीद खान ने नदी में गोता लगाया और दोनों को मशक्कत कर दोनों को सुरक्षित बाहर निकालकर ले आए। एनडीईआरएफ के जवानों ने शनिवार को भी दो लोगों को नदी में डूबने से बचाया था।

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