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कार्यकर्ता सम्मेलन में भोजन के पड़े लाले, ताबड़तोड़ ढाबों से मंगाना पड़ा

उज्जैन उत्तर: प्रबंधन की कमी से आ रही है परेशानियां

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अक्षरविश्व न्यूज . उज्जैन:भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का विषय बनी उज्जैन उत्तर विधानसभा सीट पर कब्जा जमाए रखने के लिए कार्यकर्ता सम्मेलन की रणनीति भोजन वितरण के कारण उलटी पड़ रही। सम्मेलनों में भोजन संख्या के मान से आधा ही पहुंच रहा। इससे कार्यकर्ता नाराज़ हो रहे। कई जगह ताबड़तोड़ ढाबों से भोजन की व्यवस्था करनी पड़ी।

 

उज्जैन उत्तर विधानसभा क्षेत्र में वार्ड स्तर पर कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें कार्यकर्ताओं को भोजन भी कराए जा रहे हैं। शनिवार रात राणा राजपूत धर्मशाला और इंदिरा नगर में सुरभि गार्डन सहित कई जगह कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किए गए। सूत्रों के अनुसार धर्मशाला और गार्डन में भोजन संख्या के मान से आधा ही भेजा जा सका। इस कारण भोजन के लिए मारामारी की स्थिति बन गई। इसको लेकर विवाद के हालात भी बने। एक जगह तो पार्षद दिलीप परमार को आयोजन स्थल से वापस लौटना पड़ा। कई वार्डों में यह स्थिति सामने आने से भाजपा में हलचल मच गई है। एक वार्ड में भोजन कम पडऩे के कारण ताबड़तोड़ ढाबों से भोजन मंगाना पड़ा।

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क्या चल रहा ‘भोजन ब्रह्मास्त्र’

कार्यकर्ता सम्मेलनों में भोजन कम पडऩे को लेकर भाजपा में कई तरह की चर्चाएं चल पड़ी है । इसे पार्टी की आंतरिक राजनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार भोजन बनाने का ठेका निर्दलीय चुनाव लडऩे वाले एक ठेकेदार को दिया गया है। चर्चा में यह बात भी कही जा रही है कि भोजन ब्रह्मास्त्र नीति के तहत जरूरत से कम भेजा जा रहा है। इसका असर चुनाव में क्या गुल खिलाएगा, यह अभी भविष्य के गर्भ में है। बहरहाल, पार्टी में यह चर्चा का विषय जरूर बन रहा है। यह भी तलाशा जा रहा है कि भोजन ठेकेदार के तार किससे जुड़े हुए हैं।

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अध्यक्ष को अवगत कराया

कार्यकर्ताओं को भोजन कम पडऩे की समस्या आई थी। दरअसल, एक हजार कार्यकर्ताओं को बुलाया था और भोजन सिर्फ 250 का ही आया। हालांकि इससे विवाद जैसी स्थिति नहीं बनी। कभी कभी परिस्थिति बन जाती है। स्थिति से पार्टी अध्यक्ष को अवगत करा दिया है। दिलीपसिंह परमार, पार्षद

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