Advertisement

23 करोड़ का ब्रिज, बनाएगा नया रिकॉर्ड…?

सिंहस्थ 2016 के लिए हुआ था निर्माण शुरू, सिंहस्थ 2028 में होगा पूरा!

Advertisement

गुजरात की कंपनी ने काम छोड़ा फिर भी अफसर मेहरबान….

अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन महाकाल नगरी उज्जैन में 23 करोड़ की लागत से बन रहा ओवरब्रिज देश में एक नया रिकॉर्ड बनाएगा? यह प्रश्न अब क्षेत्रीय लोगों द्वारा उठाया जा रहा है, क्योंकि सिंहस्थ 2016 के बाद से काम शुरू होने के बाद यह अब तक पूरा नहीं हो सका है। संभावना है कि अगले सिंहस्थ 2028 में ही इसे पूरा कर विभाग एक नया रिकॉर्ड बनाएगा।
गुजरात की जिस कंपनी को मोहनपुरा रेलवे क्रॉसिंग (एलसी 23) पर बनाया जा रहा है, उसने हाथ खड़े कर दिए हैं और अपना बोरिया बिस्तर बांध लिया है। इससे ब्रिज का शेष 20 फ़ीसदी काम अधर में पड़ गया है।

Advertisement

बड़ी बात यह कि इतना होने पर भी विभाग के अफसर कंपनी के विरुद्ध कार्रवाई करने की जगह उस पर मेहरबान नजऱ आ रहे। सूत्रों के अनुसार विभाग के अफसर बचा काम बैलेंस वर्क के तौर पर किसी दूसरी कंपनी को देने की तैयारी कर रहे। जबकि गुजरात की कंपनी को ब्लैकलिस्टेड करने जैसी कार्रवाई की जाना चाहिए। मामले में लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग के कार्यपालन यंत्री कुलदीपसिंह भी कोई कदम उठा नहीं सके हैं। मामले में उनसे संपर्क करना चाहा, लेकिन हो नहीं सका। इस कारण ब्रिज की स्थिति अस्पष्ट बनी हुई है।

अब कलेक्टर करेंगे सवाल जवाब

Advertisement

कलेक्टर नीरजकुमार सिंह ने बताया इस मामले में विभागीय अधिकारियों से बात कर काम को तेजी से पूरा करने का रास्ता निकाला जाएगा।

देरी के तीन बड़े कारण

1.ब्रिज के प्रोजेक्ट में पहले आरई वॉल का प्रावधान था, लेकिन बाद में डिजाइन बदली गई।

2.ब्रिज की ऊंचाई को लेकर भी तकनीकी अड़चनें आईं।

3.कोरोना और पैसा समय पर न मिल। पाने से भी काम रुका।

ब्रिज के सफर की कहानी

निर्माण की शर्तों के अनुसार 2018_19 में पूरा हो जाना चाहिए था।

गुजरात की अजय प्रो टेक कंपनी को इसका ठेका 2016 में दिया गया था।

कई बार ब्रिज की प्लानिंग भी बदली गई।

ठेकेदार कंपनी को कई बार नोटिस दिए, ठेका टर्मिनेट करने की चेतावनी भी दी गई।

ब्रिज का 20 फीसदी काम अभी भी बाकी।

जल्द काम पूरा नहीं हुआ तो सिंहस्थ 2028 में पूरा होने के आसार।

बनते बनते 8 साल गुजर गए

मोहनपुरा ओवरब्रिज को बनते बनते 8 साल गुजर गए, लेकिन अभी भी काम पूरा नहीं हो सका है। जानकारों के अनुसार अभी भी ब्रिज का करीब 20 फीसदी काम अधूरा है। इससे राज्य सरकार की प्रतिष्ठा प्रभावित हो सकती है। विधानसभा चुनाव से पहले मोहनपुरा के लोगों ने विरोध भी किया, लेकिन वह भी बेअसर साबित हो रहा।

Related Articles

📢 पूरी खबर पढ़ने के लिए

बेहतर अनुभव के लिए ऐप का उपयोग करें

ऐप में पढ़ें
ऐप खोलें
ब्राउज़र में जारी रखें