बदलाव की बयार उज्जैन संसदीय सीट होल्ड पर

मालवा-निमाड़ की तीसरी होल्ड सीट में उज्जैन लोकसभा क्षेत्र शामिल है। यहां से सांसद अनिल फिरोजिया है। यह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का गृह क्षेत्र है। यहां से महिला को टिकट दिए जाने की चर्चा है। इसमें तीन नाम चल रहे हैं। एक रानी जाटवा, दूसरा पूर्व महापौर मीना जोनवाल और तीसरा नाम ममता बैंडवाल का है।
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उज्जैन आरएसएस-भाजपा का गढ़ है। भाजपा के लिए लोकसभा चुनाव में हर मर्तबा यह सीट तश्तरी में दिए जाने वाले इनाम की तरह रही है। ऐसे में पार्टीं को कभी परिणाम को लेकर नहीं, केवल उम्मीदवार तलाशने में झंझट रही है। बहरहाल दिल्ली से भोपाल तक उज्जैन संसदीय क्षेत्र के प्रत्याशी को लेकर चल रहे नामों से यह धारणा मजबूत होती जा रही है कि वर्तमान सांसद को पार्टी भूतपूर्व करने का मन बना रही है।

पार्टी के लोगों का कहना सांसद के पांच साल परफार्मेंस की एमआरआई के बाद यह हालात बने हैं। भाजपा उज्जैन सीट से किसे प्रत्याशी बनाएगी ? संभव है आने वाले दिनों में जारी होने वाली सूची में किसी नए नाम की घोषणा कर संगठन उज्जैन के भाजपा कार्यकर्ताओं को चौंका दें। वर्तमान सांसद को 2019 लोकसभा में शिव-साधना की आराधना का फल मिल गया था। अब हालात वैसे नहीं हैं। दूसरी तरफ भाजपा नेतृत्व ने 33 प्रतिशत से अधिक महिलाओं को टिकट देने का मन बना रखा है।
ऐसे मेंं उज्जैन से किसी महिला को प्रत्याशी बना दिया जाए तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए। ऐसा हुआ तो यह उज्जैन के इतिहास में पहली बार होगा, जब लोकसभा चुनाव मे उज्जैन संसदीय क्षेत्र से महिला को मौका मिलेगा। कांग्रेस में किस पर दांव लगाएं यह मंथन चल रहा है।
तराना से विधायक महेश परमार को उज्जैन लोकसभा का चुनाव लड़ाने की चर्चा चल रही है। परमार चुनाव लडऩे को राजी हो जाते हैं, तो जीत-हार बाद की बात है, फिलहाल कांग्रेस को प्रत्याशी खोज अभियान से राहत मिल जाएगी। बता दें 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को 3.65 लाख वोट की लीड मिली थी, जबकि विधानसभा चुनाव-2023 में संसदीय क्षेत्र में भाजपा की कुल लीड 1.77 लाख वोट की रही है।










