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उज्जैन में एक दिन छोड़कर जलप्रदाय का प्रस्ताव

गर्मी की शुरुआत… बढ़ा पेयजल संकट, उज्जैन दक्षिण क्षेत्र में शाम को जल वितरण, लोग परेशान

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अक्षरविश्व न्यूज . उज्जैन:गर्मी का मौसम अभी दस्तक ही दे रहा है और शहर में पेयजल संकट मंडरा गया है। दरअसल, पीएचई ने शिप्रा नदी का पानी पेयजल के लिए लेना बंद कर दिया है और गंभीर डेम पर भार बढ़ गया है। पीएचई ने एक दिन छोड़कर जलप्रदाय व्यवस्था का प्रस्ताव तैयार किया है,जिसे जल्द ही एमआईसी में पेश किया जा सकता है। इधर, प्रशासन ने सुबह उत्तर और शाम को दक्षिण क्षेत्र में जलप्रदाय की व्यवस्था शुरू कर दी है।

 

गंभीर नदी में अभी 951 एमसीएफटी पानी है। गुड़ीपड़वा से पहले शिप्रा को खाली कर उसमें नर्मदा का पानी भरने की कवायद शुरू हो गई है। पीएचई ने पिछले पांच दिनों से शिप्रा का पानी लेना बंद कर दिया है। नगर निगम की जलकार्य समिति ने 15 जून से शहर में एक दिन छोड़कर शहर में जल सप्लाई का प्रस्ताव तैयार किया है। इसे एमआईसी में महापौर के सामने पेश किया जाएगा।

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पहली बार नया प्रयोग…अब शाम को नल

आधे शहर यानी उज्जैन दक्षिण क्षेत्र में गुरुवार से प्रशासन ने नया प्रयोग किया है। सुबह उज्जैन उत्तर क्षेत्र और शाम को दक्षिण क्षेत्र में जल प्रदाय किया जाएगा। कलेक्टर नीरज कुमार सिंह के निर्देश पर पहली बार जलप्रदाय व्यवस्था में नया प्रयोग किया गया है। उत्तर क्षेत्र में पहले की व्यवस्था के अनुसार सुबह 7:30 से 8:30 बजे तक जलप्रदाय किया गया। दक्षिण क्षेत्र में शाम 7 से रात 8 बजे तक जलप्रदाय किया जाएगा। पहले शाम 5:30 से 6:30 बजे तक किया जा रहा था।

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घनघनाए फोन, शाम को कैसे भरेंगे पानी…?

उज्जैन दक्षिण क्षेत्र में शाम को जलप्रदाय करने की तैयारी में पीएचई का अमला जुट गया है, लेकिन टंकियां भर पाने में समस्या आ सकती है। इससे अधिकारियों की सांस ऊपर नीचे हो रही है। पीएचई अधिकारियों, पार्षद और जनप्रतिनिधियों के घर फोन घनघनाए कि शाम को कैसे पानी भरेंगे।

प्रस्ताव तैयार किया है

एक दिन छोड़कर जलप्रदाय के प्रस्ताव को एमआईसी में महापौर के समक्ष रखेंगे। उज्जैन दक्षिण में शाम को जलप्रदाय करने का निर्णय प्रशासन ने लिया है। लोगों के फोन पर फोन आ रहे हैं कि शाम को पानी भरने में समस्याएं आएंगी। कैसे बिजनेस करेंगे और कैसे पीने का पानी भर सकेंगे। प्रशासन ने सोच समझकर ही निर्णय लिया होगा।-प्रकाश शर्मा, प्रभारी जलकार्य समिति प्रभारी, नगर निगम

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