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महाकाल क्षेत्र में मुख्य मार्ग से लेकर गलियों तक ऑटो, ई रिक्शा और कारों का कब्जा

होटलों तक यात्रियों को पहुंचाने और लेने की ड्रायवरों में लगती है शर्त

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अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन पुराने शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। नगर निगम, यातायात पुलिस मुख्य मार्गों पर यातायात नियंत्रित करने पहुंचती है तो वाहन चालक गलियों के रास्ते पकड़कर लोगों की परेशानी बढ़ा देते हैं। पुराने शहर की संकरी गलियों में आटो व ई रिक्शा इस तरह दौड़ रहे हैं जैसे हाईवे पर इनके बीच काम्पीटीशन चल रहा हो। दूसरे वाहन चालक और पैदल चलने वाले इस तरह की यातायात व्यवस्था से परेशान हो रहे हैं।

महाकालेश्वर मंदिर पहुंचने के लिये एक दर्जन से अधिक रास्ते हैं जिनमें मुख्य मार्ग छोड़ दें तो आधा दर्जन गलियां भी हैं जिनमें बड़ी संख्या में होटलें संचालित हो रही हैं। दूसरे शहर से महाकालेश्वर मंदिर दर्शनों के लिये आने वाले श्रद्धालुओं को आटो और ई रिक्शा संचालक मंदिर के सामने या सबसे नजदीक छोडऩे की बात कहते हुए मुख्य मार्गों से होते हुए गलियों के रास्ते पकड़कर वहां तक पहुंच भी जाते हैं, लेकिन उनकी इस तरह मनमानी से पैदल चलने वालों से लेकर गलियों में रहने वाले लोग परेशान होते हैं।

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गलियों की जगह का किराया भी वसूल रहे

चौबीस खंबा के पीछे से महाकाल मंदिर की ओर जाने वाली गलियों में अधिकांश होटलें संचालित हो रही हैं। इन होटलों के सामने खुली जगह पर होटल संचालक, आटो, ई रिक्शा और ठेले वालों को जगह उपलब्ध करा रहे हैं और उनसे किराया भी वसूल कर रहे हैं। गलियों में पहले से वाहन व ठेले खड़े होने के कारण रहवासी अपने दो पहिया वाहनों से भी आवागमन नहीं कर पा रहे। लोगों ने बताया कि यदि इमरजेंसी की स्थिति में किसी को इन गलियों के रास्ते ले जाना हो तो उसकी जाम की वजह से रास्ते में ही मृत्यु हो सकती है।

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होटलों अंदर और बाहर मनमानी पार्किंग से लोग हो रहे परेशान

चौबीस खंबा मंदिर के सामने से महाकाल घाटी की ओर जाने वाले मार्ग और कहारवाड़ी होते हुए हरसिद्धी की ओर जाने वाले मार्ग की स्थिति यह है कि दोनों ही मार्गों पर होटलें संचालित हो रही हैं। सुबह से देर रात तक इस मार्ग पर आटो-ई रिक्शा की लाइन लगी रहती हैं। बची हुई कसर होटल संचालक यात्रियों को अपनी होटल में पार्किंग का झांसा देकर पूरी कर देते हैं। दूसरे शहर से निजी वाहनों से आने वाले यात्री इन होटलों तक अपने वाहन लेकर जाते हैं और मुख्य मार्ग पर ही वाहन खड़े कर देते हैं।

यातायात पुलिस की स्थिति यह है कि महाकाल घाटी के ऊपर जाने वाले मार्ग पर आटो-ई रिक्शा को रोकने के लिये बेरिकेड्स लगाने के साथ एक जवान की ड्यूटी लगाई जाती है लेकिन यह पुलिस जवान कभी किसी वाहन चालक को नहीं रोकता। हालात यह हैं कि महाकाल थाने की ओर जाने वाली इस घाटी पर थाने के पुलिसकर्मी ही जाम में फंस जाते हैं।

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