नौतपा: रात में भी गर्मी का ताप, पारा सामान्य से 5.7 डिसे पार

मौसम विभाग ने जारी किया लू को लेकर रेड अलर्ट, फिलहाल राहत की उम्मीद नहीं
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अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन:नौतपा का पहला दिन तो जमकर तपा। रात में भी गर्मी ने कहर ढ़हा दिया बीती रात का तापमान ३१ डिग्री पर हो गया। रविवार को सुबह से ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाना प्रारंभ कर दिए थे।मौसम विभाग ने उज्जैन, रतलाम समेत प्रदेश के 10 जिलों में लू का रेड अलर्ट जारी किया है। इन जगहों पर दिन का तापमान 45 डिग्री के पार रहने का अनुमान है। बता दें कि सूर्य के कृतिका से रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करने के साथ ही शनिवार से नौतपा शुरू हो गया।
पिछले 10 में से 5 साल नौतपा में भीषण गर्मी पडऩे का दौर रहा है। पहले दिन ही दिन नौतपा का असर देखने को मिला। शनिवार को सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाएं चलती रही। हालांकि शुक्रवार की तुलना में दिन के तापमान में ०.२ डिसे की गिरावट आई,लेकिन इसका गर्मी पर कोई असर नहीं हुआ। अधिकत्तम तापमान ४४.० डिसे दर्ज किया गया। इसका ऐसा प्रभाव रहा कि रात में भी गर्मी ने सभी को बेहाल कर दिया। शुक्रवार-शनिवार रात को न्यूनतम तापमान ३१.२ डिसे रहा। यह सामान्य से ५.७ डिसे अधिक है।
भीषण गर्मी रहेगी
मौसम विज्ञानियों के अनुसार आने वाले एक सप्ताह तक ऐसा ही मौसम रहेगा। कई शहरों में दिन और रात का तापमान रिकॉर्ड स्तर पहुंचने की आशंका है, इसलिए मौसम विभाग ने एडवाइजरी भी जारी की है।
लू के मरीजों से अस्पताल के वार्ड फुल
प्रतिदिन पहुंच रहे 35 से 40 लोग, मौसम विभाग और डाक्टर्स के लिए अलर्ट जारी
उज्जैन। रिकार्ड तोड़ गर्मी और सुबह से रात तक चलने वाली गर्म हवाओं के थपेड़ों की चपेट में आकर बड़ी संख्या में लोग बीमार हो रहे हैं। जिला चिकित्सालय में लू लगने से पीडि़त 35 से 40 मरीज प्रतिदिन उपचार के लिये आ रहे हैं जहां मरीजों को डीवीडी सहित अन्य वार्डों में भर्ती कर ईलाज दिया जा रहा है।
अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार उल्टी, चक्कर आना, लूज मोशन, घबराहट की शिकायत लेकर प्रतिदिन 35 से 40 मरीज उपचार के लिये आ रहे हैं। उक्त मरीज लू की चपेट में आने के कारण बीमार होते हैं। डॉक्टर्स इसे नोजिया वर्टिको या सन स्टोक कहते हैं। पिछले 10 दिनों से तापमान 44 से 45 डिग्री के बीच घूम रहा है।
वहीं सुबह से रात तक गर्म हवाएं भी चल रही हैं। दोपहर के समय तेज धूप में घर से निकलने के दौरान गर्म हवाओं की चपेट में आने से लोग बीमार होते हैं। जिला चिकित्सालय के मेडिकल ऑफिसर डॉ. जितेन्द्र शर्मा ने चर्चा में बताया कि इस वर्ष तेज गर्मी का प्रकोप अधिक है। लोगों को घर से निकलते समय स्वयं को कपड़े से ढंकने नाक, मुंह, कान बांधने की एहतियात बरतनी चाहिये। साथ ही भोजन में भी परहेज आवश्यक है। खाली पेट घर से नहीं निकलें। भोजन के साथ साथ तरल पदार्थ का अधिक सेवन करें।
दूसरे वार्डों में शिफ्ट करते हैं मरीज
लू लगने पर आमतौर पर मरीजों को उल्टी, दस्त, घबराहट, बुखार की शिकायत होती है। ऐसे मरीजों के लिये जिला चिकित्सालय में पहले से डीवीडी वार्ड बना है। यदि उक्त वार्ड फुल हो जाता है तो मरीजों को सी वार्ड सहित अन्य वार्ड में शिफ्ट कर उपचार करते हैं। हालांकि एक दो दिनों के उपचार के बाद मरीजों की छुट्टी भी कर दी जाती है।
दोपहर में कूलर-एसी चेक करते लोग
दोपहर 2 से 5 बजे के बीच पडऩे वाली प्रचंड गर्मी के एहसास के साथ ही लोग अपने कूलर और एसी चैक करते नजर आते हैं। उक्त उपकरण सही तरीके से काम करते हैं, लेकिन तेज गर्मी के आगे इनका प्रभाव भी खत्म हो जाता है और लोगों को लगता है कि कूलर या एसी खराब हो गये हैं।









