महाकाल मंदिर के सामने होटल की चौथी मंजिल पर निगम की टीम ने चलाए हथौड़े

नोटिस लेने से मना कर रहा था संचालक, चस्पा करने के लिए पुलिस को लेकर जाना पड़ा
महाकालेश्वर मंदिर के आसपास शिखर से ऊंचा कोई भवन नहीं होगा
अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन:महाकालेश्वर मंदिर के आसपास कोई भी भवन शिखर से ऊंचा नहीं बनाया जायेगा, लेकिन लोगों ने तीन से चार मंजिल की होटलें बना ली हैं। नगर निगम द्वारा मंदिर के आसपास स्थित भवन निर्माण के लिये जी-3 की अनुमति दी है उसके बावजूद लोग चार मंजिल भवन बनाकर होटल संचालित कर रहे हैं। नगर निगम की गैंग ने सुबह मंदिर के पास थाने की बगल में स्थित होटल की चौथी मंजिल पर हथौड़े चलाकर धराशायी कर दिया।
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यह था मामला
महाकाल थाने की बगल में स्थित होटल शिवसागर को नगर निगम द्वारा जी-3 निर्माण की अनुमति दी गई थी, लेकिन होटल मालिक मोहनलाल वासवानी पिता मांगीलाल निवासी महाकाल मार्ग द्वारा उक्त होटल पर चार मंजिल तक निर्माण कर लिया गया। चौथी मंजिल पर एलिवेशन खिड़कियां लगाकर छत पर डोरमेट्री टाईप पलंग डाले गये थे।
यहां पर यात्रियों के रुकने की व्यवस्था थी। नगर निगम ने चौथी मंजिल के निर्माण को हटाने के लिये संचालक को नोटिस दिया जिसे लेने से मना करने पर कर्मचारी पुलिस को साथ लेकर होटल पर नोटिस चस्पा करने गया उसके बावजूद संचालक द्वारा स्वयं के खर्च पर अवैध निर्माण को तोड़ा नहीं गया। इस पर सुबह एसडीएम हर्ष जैन, निगम उपायुक्त कृतिका भीमावत, भवन अधिकारी जगदीश मालवीय नगर निगम की अतिक्रमण हटाने की गैंग लेकर सुबह महाकाल थाने पहुंचे।

यात्रियों में अफरा तफरी सामान हटाने में आनाकानी
अफसरों ने बताया कि नगर निगम द्वारा 4 जुलाई को ही होटल संचालक को नोटिस देकर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिये गये थे, लेकिन उसके द्वारा अतिक्रमण हटाने में रूचि नहीं दिखाई गई। सुबह जब होटल पर कार्रवाई करने पहुंचे उस दौरान होटल के कमरों में यात्री ठहरे थे। वहीं कर्मचारियों द्वारा चौथी मंजिल पर रखे बिस्तर व अन्य सामान हटाने में आनाकानी की जा रही थी। पहली मंजिल पर अफसरों व होटल संचालक के बीच बातचीत चल रही थी वहीं चौथी मंजिल पर तोडफ़ोड़ गैंग अफसरों के इशारे का इंतजार कर रही थी।
संचालक ने लिखकर देने से इंकार किया
होटल मालिक मोहन वासवानी के पुत्र ने प्रशासन व निगम अफसरों को कागजात दिखाये तो अफसरों ने कहा कि आप लिखकर दीजिये कि चौथी मंजिला अतिक्रमण आप स्वयं तत्काल प्रभाव से हटा लेंगे। नरेश वासवानी ने लिखकर देने में आनाकानी की उसी दौरान चौथी मंजिल पर खड़े अतिक्रमण गैंग के कर्मचारियों ने हथौड़े चलाना शुरू कर दिये। स्थिति यह रही कि होटल के अंदर मौजूद यात्री व कर्मचारी अंदर ही फंसे रह गये। होटल के बाहर खड़े वाहन भी लोग हटा नहीं पाये और देखते ही देखते चौथी मंजिल पर लगी खिडिय़ों के कांच टूटकर सड़क पर बिखरने लगे। तोडफ़ोड़ के लिये नगर निगम द्वारा हैमर मशीन भी लाई गई थी लेकिन उसकी आवश्यकता नहीं पड़ी।

रास्ते बंद, गलियां जाम लोग परेशान : होटल की चौथी मंजिल का अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान महाकाल घाटी वाला मार्ग व मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते को बेरिकेड्स लगाकर पुलिस द्वारा बंद कर दिया गया था इस कारण पैदल और वाहन चालकों से गलियां भर गईं। लोग अपने वाहन लेकर यहां से निकलने के रास्ते ढूंढते रहे।

पहले फोर्स का इंतजार, फिर संचालक से तकरार
प्रशासन व निगम अधिकारी अतिक्रमण हटाने वाली गैंग के साथ सुबह महाकाल थाने पहुंचे और पुलिस फोर्स की मांग की। इस दौरान थाने पर पुलिस बल मौजूद नहीं था। अफसरों को पहले 30 मिनिट तक पुलिस फोर्स का इंतजार करना पड़ा फिर पुलिसकर्मियों के साथ होटल पहुंचे। यहां पर तोडफ़ोड़ गैंग होटल की चौथी मंजिल पर हथौड़ों के साथ पहुंची इस दौरान होटल संचालक मोहन वासवानी का पुत्र नरेश वासवानी कोर्ट के कागजात लेकर अधिकारियों के सामने आया। नरेश का कहना था कि आप लोग जितना हिस्सा तोडऩा है वहां तक मार्किंग कर दें, मैं स्वयं मजदूर बुलाकर अतिक्रमण हटवा लूंगा। इस दौरान नरेश और अफसरों के बीच लंबी बातचीत हुई लेकिन कोई हल नहीं निकला।









