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MP सरकार का बड़ा ऐलान,CM आवास योजना के तहत लिए गए बैंक लोन होंगे माफ

बड़े अस्पतालों में खोले जाएंगे दीन दयाल रसोई काउंटर

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सीएम मोहन ने कहा, दो लाख पदों पर की जाएगी भर्तियां

अक्षरविश्व न्यूज . भोपाल:मप्र सरकार ने सीएम आवास योजना के तहत बैंक से लिए लोन को माफ करने का बड़ा फैसला लिया है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने एक बैठक के बाद ऐलान किया है। सीएम ने कहा कि सीएम आवास योजनातंर्गत जिन हितग्राहियों के बैंकों से ऋण लंबित हैं उनका पूरा ऋण माफ किया जाएगा।

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मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए कि सभी बड़े अस्पतालों में भी दीनदयाल रसोई का काउंटर खोला जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि विभागों द्वारा लगभग दो लाख पदों पर भर्तियां की जाएंगी, इस संबंध में युवाओं को जानकारी और प्रशिक्षण देकर आवेदन प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाए। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के विधायकों की बैठक ली। बैठक में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, मंत्रीगण, विधायक और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। संबंधित जिलों के अधिकारी वर्चुअली जुड़े।

विधायकों के लिए 100 करोड़ रुपए का फंड

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डॉ. यादव ने कहा कि डाक्यूमेंट में विधायकगण 100 करोड़ रुपए राशि के कार्य शामिल कर सकते हैं। इसमें 40 करोड़ रुपए विधायक निधि, सांसद निधि, जन-भागीदारी, सीएसआर, रिडेंसीफिकेशन एवं अन्य रिडेवलपमेंट मद से प्राप्त किए जाएंगे। शेष 60 करोड़ की राशि राज्य सरकार द्वारा प्रतिवर्ष 15 करोड़ जारी कर उपलब्ध कराई जाएगी।

उद्योग के लिए अनुकूल वातावरण

प्रत्येक विधायक अपनी विधानसभा में कलेक्टर के सहयोग से उद्योगों के लिए भूमि आरक्षित कराएं और औद्योगिक क्षेत्र घोषित करके उद्योग लगवाए जाएं। कुटीर, लघु और वृहद उद्योग के लिए अनुकूल वातावरण निर्मित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांजी हाउस के लिए प्रति गौवंश 40 रुपये की राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बंटवारा, नामांतरण और सीमांकन अभियान 15 जुलाई से पुन: चालू किया जाएगा। विधायक इस अभियान के अंतर्गत जनता से जुड़कर अधिक से अधिक समस्याएं निपटाएं।

अब बच्चों को देंगे मिलेट्स के पकवान सहायिकाओं को

फिर मिलेगी भोजन बनाने की जिम्मेदारी

भोपाल। प्रदेश के 97 हजार 135 आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को सप्ताह में एक या दो दिन मोटे अनाज से बनी चीजें देने की तैयारी है। साथ ही हर अंचल में वहां की प्रसिद्ध और बच्चों के लिए रुचिकर चीजें दी जाएंगी। आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए उस अंचल में प्रसिद्ध खाने की चीजों के आधार पर पूरे एक सप्ताह के भोजन का खाका तैयार किया जाएगा। दरअसल, केंद्र और प्रदेश सरकार मोटे अनाज के उत्पादन और उपभोग को बढ़ावा दे रही है। इसका, बड़ा कारण इनमें प्रचुर मात्रा में उपलब्ध पोषक तत्व हैं। कुपोषण और बीमारियों के कारण शून्य से छह वर्ष के उम्र के बच्चों में से 40 प्रतिशत ठिगनापन और 27 प्रतिशत कम वजन के हैं। इनमें कुछ बच्चे ठिगनापन और कम वजन दोनों के शिकार हैं। इस कारण पोषण आहार में बदलाव की तैयारी है।

आंगनबाड़ी सहायिका बनाएगी भोजन

दूसरा परिवर्तन यह किया जा रहा है कि आंगनबाड़ी में बच्चों के लिए भोजन बनाने का काम स्व-सहायता समूह की जगह आंगनबाड़ी सहायिका को देने पर विचार चल रहा है। पहले भी सहायिका के पास यह जिम्मेदारी थी। कुछ वर्षों से यह काम स्व-सहायता समूहों को दे दिया गया था। सहायिका आंगनबाड़ी की ही कर्मचारी हैं, इसलिए विभाग के अधिकारियों का मानना है कि वह भोजन बनाने की जिम्मेदारी और अच्छे से संभाल सकती है। हालांकि, स्व-सहायता समूह इसका विरोध कर रहे हैं।

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