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यह है उज्जैन के पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली

केस एक : फरियादी से कहा- चोर को लेकर आओ…

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केस दो : लोगों ने चोर पकड़ा तो पुलिस ने छोड़ दिया…

अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन:पुलिस के दो ऐसे मामले सामने आए है, जिसमें पुलिस सिस्टम सवालों के घेर में नजर आ रहा है। एक केस में फरियादी चोरी गया मोबाइल लेकर गया तो पुलिस ने कहा चोर को लेकर आओ फिर कोर्ट से मोबाइल मिलेगा। अन्य केस में लोगों ने चोर को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया, पुलिस ने कुछ देर बाद चोर को छोड़ दिया।

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पुलिस की कार्य प्रणाली पुराने तौर तरीके से ही चल रही है। जो काम पुलिस को करना है वह फरियादी कर रहे हैं। फरियादी ने अपने स्तर पर प्रयास कर चोर को तलाश पर मोबाइल प्राप्त कर लिया। इसकी जानकारी थाने देने आया तो पुलिस उससे फोन ले किया और कहा अब यह कोर्ट से मिलेगा,उससे पहले चोर को तलाश कर लाओ।

दरअसल रतलाम जिले के ग्राम वामनखेड़ा निवासी सतपाल सिंह परिहार का मोबाइल 28 मई को उज्जैन से रतलाम की यात्रा के दौरान चोरी हो गया था। परिहार शांति एक्सप्रेस के जनरल कोच में सवार थे और अज्ञात आरोपी ने उनका मोबाइल चोरी कर लिया था। उन्होंने इसकी रिपोर्ट जीआरपी थाने में दर्ज कराई थी।

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इनका कहना

हम तो नियम कायदों का पालन कर रहे है। फरियादी को चोर पकड़कर लाने का नहीं कहा था। – मोतीलाल चौधरी,जीआरपी थाना प्रभारी।

पहले चोर और फिर खरीदार तक पहुंचे

एफआईआर दर्ज करने के बाद उन्होंने अपने स्तर पर हाईटेक सिस्टम के जरिए काफी दिनों तक मोबाइल की ट्रैकिंग की। इस दौरान मोबाइल की लोकेशन मिलने पर वह चोर तक पहुंच गए। पूछताछ में उसने बताया कि चोरी किया मोबाइल बेच दिया है। चोर की जानकारी के आधार पर मोबाइल खरीददार को भी तलाशा और उसे चोरी का मोबाइल होने की जानकारी देकर मोबाइल प्राप्त किया। मोबाइल मिलने की जानकारी देने उज्जैन जीआरपी थाने आएं।

सारा घटनाक्रम सुनने के बाद जीआरपी ने यह कहते हुए उससे मोबाइल ले लिया की यह तो जब्ती में जाएगा। उसने कहा कि ऐसे कैसे हो सकता है। मैंने पुलिस से कहा कि चोर आपके पास है और मेरा मोबाइल मेरे पास। अब आप इससे पूछताछ कर अन्य चोरी की जानकारी के आधार पर कार्रवाई करें। पुलिस ने उसकी एक नहीं सुनी और मोबाइल ले लिया। साथ ही कहा कि फोन जल्दी चाहिए तो चोर का पकड़ कर लाओ।

चोर को गिरफ्तार कर मोबाइल जप्ती में शो कर कोर्ट में पेश किया जाएगा। इसके बाद मोबाइल मिलेगा। पहले तुम्हारा चोरी हुए मोबाइल और सामान की जप्ती भी शो करनी होगी। इसके बाद उसने सांसद अनिल फिरोजिया से संपर्क कर घटनाक्रम की जानकारी दी। फिरोजिया ने जीआरपी थाने में बात कर वस्तु स्थिति का पता लगाया और नियम अनुसार शीघ्रता से कानूनी कार्रवाई पूरी कर सहयोग करने के निर्देश जीआरपी को दिए। हालांकि सांसद के हस्तक्षेप के बाद फरियादी को अपना मोबाइल जीआरपी को जप्ती में देना पड़ा। कानूनी प्रक्रिया के बाद मोबाइल कोर्ट से प्राप्त होगा। – (जैसा फरियादी सतपाल सिंह परिहार ने बताया)

केस दो : लोगों ने चोर पकड़ा तो पुलिस ने छोड़ दिया…

उज्जैन। यह है उज्जैन के पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली। स्वयं तो चोरों को पकड़ नहीं पाती और लोग पकड़कर चोर को उनके सुपुर्द करें तो रुपये लेकर थाने से छोड़ दिया जाता है। ऐसा ही एक मामला रामघाट से पकड़ाये चोर का सामने आया जिसे पकडऩे के बाद लोगों ने उसका मोबाइल से वीडियो भी बनाया जिसमें चोर कह रहा है पिता ने थाने में रुपये देकर छुड़ा लिया था।

पिण्डदान करने आये श्रद्धालु का बैग लेकर भाग रहा था

विजयपाल सोलंकी पिता रामसिंह सोलंकी 26 वर्ष निवासी मुंगालिया भोपाल अपने मामा के लड़के के साथ रामघाट पर पिण्डदान करने आया था। विजय सोलंकी ने बताया कि मामा का लड़का पिण्डदान विधि कर रहा था, मैं घाट पर बैग रखकर नदी में नहाने गया उसी दौरान एक बदमाश बैग चोरी कर भागने लगा। पंडित ने उसे देख लिया तो शोर मचाया। आसपास भीड़ एकत्रित हो गई जिन्होंने घेरकर बदमाश को पकड़ा। लोगों ने उसका नाम पूछा तो उसने अपना नाम बिट्टू उर्फ मोहम्मद हुसैन निवासी जांसापुरा बताया। बदमाश को पकडऩे वाले एक व्यक्ति ने उसकी पहचान की और वीडियो बनाते हुए पूछा कि तुझे कल भी पकड़कर पुलिस के सुपुर्द किया था तो थाने से कैसे छूटा इसका जवाब देते हुए वीडियो में बिट्टू कह रहा है कि पिता ने थाने में रुपये देकर छुड़ा लिया था।

एक दिन पहले भी नाबालिगों को छोड़ा था

गुरूवार को रवि पिता राजेश तिवारी निवासी भोपाल अपने दोस्तों के साथ उज्जैन दर्शन करने आया था। रामघाट पर सोने के दौरान सुबह करीब 3 बजे अज्ञात बदमाशों ने बैग से 15 हजार रुपये चोरी कर लिये थे। रवि तिवारी ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर दो चोरों को पकड़ा। पुलिस की मदद से थाने लेकर गये, लेकिन पुलिस को पूछताछ के बाद भी चोरों से कुछ बरामद नहीं हुआ। तीनों युवक निराश होकर घर लौट गये। रामघाट चौकी पर तैनात प्रधान आरक्षक मोहन परमार ने बताया कि चोरी में पकड़ाये बालक नाबालिग थे उनसे रुपये भी बरामद नहीं हुए तो दोनों को थाने से छोड़ दिया था।

चोरों के छूटने का एक कारण यह भी

शिप्रा नदी में प्रतिदिन हजारों की संख्या में देश भर के श्रद्धालु स्नान के लिये आते हैं। चोरों द्वारा उन्हें निशाना बनाकर बैग, मोबाइल, पर्स आदि सामान चोरी किया जाता है। चोरों के शिकार लोग अपनी शिकायत लेकर थाने पहुंचते हैं जहां पुलिस द्वारा उन्हें शिकायती आवेदन देने की बात कही जाती है सीधे एफआईआर दर्ज नहीं होती। लोग यदि चोरों को पकड़कर पुलिस के सुपुर्द भी कर दें लेकिन फरियादी यदि उसके खिलाफ रिपोर्ट न लिखाये तो इसका सीधा फायदा चोरों को होता है और पुलिस द्वारा बड़ा मामला होने पर साधारण धाराओं में कार्रवाई करती है अथवा छोटे मामलों में चोरों को थाने से छोड़ दिया जाता है।

इनका कहना

रामघाट क्षेत्र में श्रद्धालुओं को निशाना बनाकर चोरी की वारदात करने वाले बदमाशों को थाने से छोडऩे के मामले की जांच कराएंगे साथ ही लोगों की सुरक्षा के लिये घाटों पर फोर्स भी बढ़ाया जायेगा। -प्रदीप शर्मा, पुलिस अधीक्षक

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