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अब चिंतामन गणेश मंदिर में एप से शादियों की करा सकेंगे बुकिंग

पूजन-अभिषेक और चोला चढ़ाने की बुकिंग भी होगी ऑनलाइन, दान के लिए मंदिर में लगेगा काउंटर

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अक्षरविश्व न्यूज. सुधीर नागर चिंतामन गणेश मंदिर में शादी करने के लिए देशभर के लोगों को बड़ी सुविधा मिलने जा रही है। घर बैठे ही इसके लिए एप के माध्यम से ऑनलाइन बुकिंग कराई जा सकेगी। इतना ही नहीं पूजन अभिषेक और चोला चढ़ाने की बुकिंग भी श्रद्धालु कर सकेंगे। मंदिर में राशि दान करने के लिए क्यूआर कोड सुविधा मिलेगी तो भेंट काउंटर भी शुरू किया जाएगा।

चिंतामन गणेश मंदिर प्रबंध समिति ने ये महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। चिंतामन गणेश मंदिर देश का ऐसा अनूठा मंदिर है, जहां बिना मुहूर्त के ही शादी की जा सकती है। इस कारण यहां नवयुगल शादी करने के लिए देश के कई शहरों से आते हैं। मंदिर परिसर में इसके लिए पाती के लगन लिखने की पुरानी परंपरा चली आ रही है। मंदिर प्रबंध समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एप बनवाने का निर्णय लिया है। इसके माध्यम से विवाह, पूजन अभिषेक और चोला चढ़ाने की बुकिंग कराई जा सकेगी। जल्द ही एप बनने के बाद ये सुविधाएं श्रद्धालुओं को मिलने लगेंगी। मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष एसडीएम अर्थ जैन की उपस्थिति में हुई बैठक में प्रबंधक अभिषेक शर्मा सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।

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देश का अनूठा मंदिर, जहां बिना मुहूर्त ही होती हैं शादियां

चिंतमान गणेश मंदिर देश का ऐसा अनूठा मंदिर है जहां बिना मुहूर्त के ही शादियां कर सकते हैं। मंदिर में कम खर्च पर ही शादियां कर सकते हैं। मंदिर में पुजारी परिवार वंश परंपरा से पाती के लग्न लिखते हैं। भगवान चिंतामन गणेश को अधिष्ठात्र मानकर लडक़ी के परिवार की ओर से लडक़े के परिवारवालों को विवाह के लिए पाती लिख दी जाती है।

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यजमान जिस तारीख को विवाह करना चाहते हैं, उस दिन की पाती लिखकर भगवान चिंतामन गणेश के चरणों में रखकर यजमान को सौंप देते हैं। इस तरह बिना मुहूर्त शादियां की जा सकती हैं। पाती के लगन हो या किसी बड़े रिसॉर्ट में शादी, हर हिंदू शादी का पहला इन्विटेशन कार्ड चिंतामन गणेश मंदिर में समर्पित किया जाता है। इसके बाद ही इन्विटेशन कार्ड बांटने का सिलसिला शुरू होता है।

50 लाख रुपए की आय, 15 लाख बचत

चिंतामन गणेश मंदिर की सालाना आय का आंकड़ा भी हर साल बढ़ता जा रहा है। बैठक में आय व्यय का ब्यौरा भी पेश किया गया। इसके अनुसार मंदिर प्रबंध समिति को 50 लाख रुपए की आय हुई, जो पिछले साल की तुलना में 5 लाख रुपए ज्यादा है। प्रबंध समिति ने यह भी तय किया है कि गर्भगृह के सामने लगी दान पेटी का स्थान बदलकर पुजारियों की बैठक के पास लगाया जाएगा। अभी यह दर्शनार्थियों की पीठ की तरफ है। सामने रखने से श्रद्धालु आसानी से दान राशि भेंट कर सकेंगे। मंदिर में दान काउंटर भी लगाया जाएगा। अभी काउंटर नहीं होने से दानदाताओं परेशानी आती है।

वीआईपी दर्शन शुल्क का प्रस्ताव टाला

चिंतामन गणेश भगवान के वीआईपी दर्शन गर्भगृह के अंदर से कराने पर 500 रुपए का शुल्क लागू करने का प्रस्ताव भी रखा गया। इस पर पुजारियों की आपत्ति के बाद प्रबंध समिति ने टाल दिया। पुजारियों का कहना था कि वीआईपी दर्शन व्यवस्था से होने वाली आय में से उन्हें कितना भाग मिलेगा। इसको लेकर कोई सहमति नहीं बनी। साफ सफाई और विकास शुल्क पर भी सहमति नहीं बन सकी।

प्रबंध समिति ने लिए निर्णय

मंदिर प्रबंध समिति की बैठक हाल ही हुई है, जिसमें विवाह, पूजन अभिषेक और चोला चढ़ाने की ऑनलाइन बुकिंग के लिए एप बनवाने सहित कई निर्णय लिए गए हैं। अभी मंदिर में दान काउंटर भी नहीं है। इसे भी लगाने का निर्णय किया गया है। -अभिषेक शर्मा, प्रबंधक चिंतामन गणेश मंदिर

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