नाबालिग का गलत उपचार करने वाले डॉक्टर क्लीनिक सील, एफआईआर नहीं

हमारे अधिकार क्षेत्र अंतर्गत कार्रवाई की गई
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उज्जैन। नाबालिग का गलत उपचार करने वाले डॉक्टर का गुरूवार को सीएमएचओ के निर्देश पर क्लिनिक सील किया गया था लेकिन डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई नहीं की गई है।
यह था मामला
वर्ष 2023 में इंदर सिंह यादव निवासी मक्सीरोड़ के 17 वर्षीय पुत्र की तबियत खराब होने पर इंदर सिंह अपने बेटे को डॉ. मोहन चावड़ के क्लिनिक पर लेकर गया था। यहां डॉ. द्वारा बालक को इंजेक्शन लगाया गया जिसके कुछ देर बाद ही बालक की तबियत अधिक बिगड़ी। परिजन उसे प्रायवेट अस्पताल लेकर पहुंचे जहां बालक की मृत्यु हो गई। बालक के परिजनों ने डॉ. चावड पर गलत उपचार करने का आरोप लगाया और इसकी शिकायत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से की गई थी।
इनका कहना
मक्सी रोड़ पंड्याखेड़ी में डॉ. मोहन चावड़ द्वारा क्लिनिक संचालित किया जा रहा था। उनकी शिकायत प्राप्त होने पर जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की थी उसी आधार पर डॉ. चावड़ का क्लिनिक सील कराया गया, लेकिन एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई हमारे द्वारा नहीं की जा रही है। डॉ. अशोक पटेल सीएमएचओ
नोटिस का जवाब नहीं देने पर किया क्लिनिक सील
सीएमएचओ कार्यालय से डॉ. चावड़ को 3 से 4 बार नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया साथ ही डॉक्टर को कार्यालय में उपस्थित होने को भी कहा गया था लेकिन डॉक्टर ने नोटिस की अनदेखी की। इधर जांच कमेटी जब क्लिनिक पर पहुंची तो पता चला कि डॉ. चावड के पास बीईएमएस की डिग्री है। उसे एलोपैथिक उपचार की पात्रता नहीं है। उसके क्लिनिक में एलोपैथिक दवा भी पाई गई थी। मामले में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. कव्रम रघुवंशी ने अपनी जांच रिपोर्ट सीएमएचओ डॉ. अशोक पटेल को सौंपी जिसके बाद उन्होंने क्लिनिक सील करने के निर्देश दिये थे।









