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भगवान महाकाल की सवारी में मुख्यमंत्री की इच्छाशक्ति से पुलिस बैंड ने रचा इतिहास

अब अन्य जिलों में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में होंगे शामिल

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अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। भगवान महाकाल की सवारी में मुख्यमंत्री की इच्छाशक्ति से पुलिस बैंड ने इतिहास रच दिया। श्रावण मास में भगवान महाकाल की दूसरी सवारी में पुलिस बैंड की प्रस्तुति ने प्रभु के भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके साथ ही एक अगस्त से प्रदेश में हर जिले में अब पुलिस बैंड अस्तित्व में आ जाएंगे।

जिला स्तर पर पुलिस बैंड की यूनिट की स्थापना करने के लिए 350 जवानों को ट्रेनिंग दी गई थी प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा अनुसार दल को अपनी पहली प्रस्तुति के लिए भगवान महाकाल की नगरी उज्जैन भेजा गया था। भगवान महाकाल की सवारी के दौरान एक साथ बैंड की प्रस्तुति के बाद ट्रेंड 350 जवानों को सभी संबंधित जिलों में भेजा जाएगा। पुलिस बैंड की आकर्षक प्रस्तुति जिला मुख्यालय पर होने वाले 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में होगी।

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सवारी में शामिल हुए ट्रेंड जवान

श्रावण मास के दूसरे सोमवार को भगवान महाकाल की सवारी में शामिल हुए पुलिस बैंड में मध्यप्रदेश की सभी पुलिस इकाइयों के 350 पुलिस जवानों को 6 माह का प्रशिक्षण दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर जिले में पुलिस बैंड की स्थापना और इसके लिए इच्छुक पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण देकर उन्हें बैंड में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए थे। उनके निर्देश पर प्रदेश की पुलिस इकाइयों में पुलिस जवानों को बैंड वादन सहित वाद्ययंत्रों का प्रशिक्षण दिया गया।

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हर जिले में पुलिस बैंड की स्थापना के लिये प्रथम वाहिनी विसबल, इंदौर, 6 वीं वाहिनी विसबल जबलपुर एवं 7वीं वाहिनी विसबल भोपाल के 321 जवानों को प्रशिक्षण दिया गया तथा 19 कर्मचारियों को एसटीसी बैंगलुरू भेजा गया था। इस प्रकार कुल 350 कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण उपरांत मध्यप्रदेश में आगामी 15 अगस्त 2024 के राष्ट्रीय पर्व के लिए समस्त जिलों में पुलिस बैंड दल स्थापित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर 6 माह के प्रशिक्षण के बाद अब प्रदेश के सभी जिलों में पुलिस बैंड की स्थापना की गई है।

भोले के भजनों की सुमधुर धुनों पर झूमे श्रद्धालु

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की विशेष पहल पर 350 जवानों के पुलिस बैंड की प्रस्तुति ने भगवान महाकाल की सवारी के गौरव और शोभा को कई गुना बढ़ाया। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस बैंड की महत्ता पर बल देते हुए हर जिले में पुलिस बैंड की स्थापना और इसके लिए इच्छुक पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण देकर उन्हें बैंड में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए थे। उनके निर्देश पर प्रदेश की पुलिस इकाइयों में पुलिस कर्मचारियों को बैंड वादन व विभिन्न वाद्ययंत्रों का सघन प्रशिक्षण दिया गया। पुलिस बैंड की शिवभजनों की सुमधुर धुनों पर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर झूमें। पुलिस बैंड द्वारा रामघाट पर विशेष प्रस्तुति दी गई।

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