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जीआईएस एवं रिमोट सेंसिंग की उपयोगिता पर हुआ विशिष्ट व्याख्यान

विद्यार्थियों को कठोर परिश्रम कर लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया

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अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस शासकीय माधव महाविद्यालय में भूगोल विभाग एवं आई.क्यू.ए.सी. के संयुक्त तत्वावधान में भौगोलिक अध्ययन में जी.आईं.एस. एवं रिमोट सेंसिंग की उपयोगिता विषय पर विशिष्ट व्याख्यान का आयोजन प्राचार्य डॉ. अल्पना उपाध्याय के मार्गदर्शन में किया गया।

विषय-विशेषज्ञ भूगोलवेक्त डॉ. आर.पी. तिवारी पूर्व प्राध्यापक भूगोल एवं प्राचार्य, संत रामदास स्नातकोत्तर महाविद्यालय, टीकमगढ़ द्वारा भौगोलिक अध्ययन में जी.आईं.एस. एवं रिमोट सेंसिंग की उपयोगिता विषय पर भूगोल के विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को बताया कि ये तकनीके भूगोल के विभिन्न पहलुओं को समझने और विश्लेषण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। जी.आई.एस. एवं रिमोट सेंसिंग का उपयोग डेटा संग्रह, विश्लेषण और मानचित्रण के लिए किया जाता है।

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कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रभारी प्राचार्य डॉ. एल.एस. गोरास्या ने विद्यार्थियों को एकाग्रचित होकर अपने अध्ययन में ध्यान कैसे लगाये इस विषय पर मार्गदर्शन प्रदान किया। विभागाध्यक्ष डॉ. रवि मिश्र ने विद्यार्थियों को कठोर परिश्रम कर अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. मोहन निमोले ने कार्यक्रम का संचालन किया गया।

आभार विभागाध्यक्ष डॉ. रवि मिश्र ने माना। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. मंसूर खान, डॉ. संजीव शर्मा, शोधार्थी रवि भिलाला, आशीष पंवार, सौदानसिंह चौहान, दशरथ प्रसाद, चेतन वाडिया, राहुल चौहान, श्रुति पांडे, राजनंदनी सौराष्ट्रीया सहित 122 विद्यार्थी उपस्थित थे।

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