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पाश्र्वनाथ भगवान के मोक्ष कल्याणक पर चढ़ाया निर्वाण लाडू

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। श्रावण शुक्ल सप्तमी जिस दिन जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर श्री 1008 पाश्र्वनाथ भगवान ने शास्वत तीर्थराज श्री सम्मेद शिखर जी से मोक्ष प्राप्त किया था तभी से इस दिन को मोक्ष सप्तमी मुकुट सप्तमी के नाम से जाना जाता हैं। पूरे भारत वर्ष में इस दिवस जैन समाज श्रीजी का अभिषेक पूजन विधान और निर्वाण लाडू चढ़ाकर बड़े भक्ति भाव और उत्साह के साथ मनाता है।

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श्री विद्या कुम्भ चतुर्मास समिति द्वारा बताया गया कि पंचायती मन्दिर फ्रीगंज में वर्ष में एक बार इसी दिन पाश्र्वनाथ भगवान की अति प्राचीन प्रतिमा जी का अभिषेक शान्ति धारा की जाती हैं। इस वर्ष आर्यिका श्री 105 दुर्लभमति माताजी के सान्निध्य में भव्य निर्वाण लाडू चढ़ाकर अत्यन्त श्रद्धा भक्ति भाव और उत्साह से भगवान पाश्र्वनाथ का मोक्ष कल्याणक महोत्सव मनाया गया।

जिसमें साधर्मीजन अपने घरों से बड़े सुन्दर आकर्षक साज सज्जा के साथ निर्वाण लाडू बनाकर आए थे। प्रात: 7 बजे श्री जी का अभिषेक, नित्य नियम पूजन के पश्चात श्री पाश्र्वनाथ मंडल विधान का आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में साधर्मी श्रावक श्राविकाएं उपस्थित थे।

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