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फार्मर रजिस्ट्री में दर्ज होगा किसान का पर्सनल डेटा, योजनाओं में मिलेगा लाभ

प्रदेश सरकार का कृषकों सुविधा के लिए खास प्रयास, 30 नवंबर तक रजिस्ट्रेशन

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए खास पहल की है। किसान का पर्सनल डेटा फार्मर रजिस्ट्री में दर्ज होगा। किसानों सरकार की योजनाओं को लाभ लेने के साथ अन्य सुविधाएं प्राप्त करने में आसानी होगी। इसके लिए 30 नवंबर तक रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। सरकारी योजनाओं के लाभ प्राप्त करने में भी फार्मर रजिस्ट्री के आंकड़े मददगार साबित होंगे। इसके लिए बार-बार सत्यापन आवश्यक नहीं होगा।

फार्मर रजिस्ट्री के जरिए सभी किसानों के डेटाबेस जुटाया जाएगा। कलेक्टर्स को फार्मर रजिस्ट्री में सभी किसानों को रजिस्टर कराने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए हर किसान का आईडी बनाया जाएगा, जिससे उसकी पहचान हो सकेगी। सरकार उसे केंद्र और राज्य सरकार की कृषि योजनाओं का लाभ दिला सकेगी।

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सरकार को यह पता होगा कि कौन सा किसान कितनी जमीन का मालिक है। उसके पास खेती की कितनी जमीन सिंचित और असिंचित रूप में है। सभी जिलों को निर्देश जारी किए गए हे कि फार्मर रजिस्ट्री क्रियान्वयन की इस प्रक्रिया को 30 नवंबर 2024 तक पूरा किया जाए। दिसंबर माह से पीएम किसान योजना का लाभ केवल फार्मर आईडी के माध्यम से ही किसानों को मिल सकेगा।

ऐसे होगा रजिस्ट्रेशन

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फार्मर रजिस्ट्री का क्रियान्वयन पोर्टल
https://mpfr.agristack.gov.n पर होगा।

रजिस्ट्रेशन के लिए पटवारी, युवा एवं किसानों को मोबाइल एप के माध्यम से भी रजिस्ट्रेशन की सुविधा दी है।

किसानों के लिए Farmer Registry MP मोबाइल एप, स्थानीय युवाओं के लिए Farmer Sahayak MP APP की सुविधा है।

गांव में एक किसान की भूमि की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होगी।

मोबाइल नंबर, खातों की जानकारी होगी दर्ज

फार्मर रजिस्ट्री तैयार होने पर आवश्यकता की स्थिति में जिला, तहसील, ग्राम का चयन कर खाता एवं भूमि स्वामी का चयन किया जा सकेगा।

एप एवं पोर्टल का उपयोग कर किसानों के सभी खातों को लिंक करते हुए ई-केवाईसी की कार्यवाही की जाएगी। इसके लिए किसान की सहमति इलेक्ट्रॉनिक रूप में प्राप्त की जाएगी।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के हितग्राहियों की फार्मर आईडी प्राथमिकता के आधार पर जनरेट की जाएगी।

हर खातेदार के खसरा, हिस्सा, मोबाइल नंबर, आधार संख्या, ई-केवाईसी विवरण फार्मर रजिस्ट्री में दर्ज की जाएगी।।

भू अभिलेख में परिवर्तन होने पर फार्मर रजिस्ट्री में जानकारी स्वत: ही अपडेट हो जाएगी।

कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से भूमिस्वामी द्वारा तय शुल्क देकर फार्मर रजिस्ट्री बनवाई जा सकती है।

डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण के लिए चिह्नांकित स्थानीय युवा द्वारा फार्मर रजिस्ट्री बनाए जाने का कार्य अभियान के रूप में किया जाएगा। इसके लिए स्थानीय युवकों को राशि का भुगतान आधार से लिंक बैंक खाता में किया जाएगा।

किसानों को यह होगा फायदा

पीएम किसान योजना की किस्त प्राप्त करने की अनिवार्यता की शर्त को पूरा करने में आसानी होगी।

कृषकों को फसल ऋण के लिए किसान क्रेडिट कार्ड एवं एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड, कृषि के विकास के लिए अन्य लोन आसानी से मिल सकेंगे।

फसल बीमा का लाभ सुगमता से मिल सकेगा। आपदा की स्थिति में किसानों की क्षति पूर्ति राशि के लिए चिह्नित करने में आसानी होगी।

न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदी में किसानों का रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन हो सकेगा।

इसलिए रजिस्ट्रेशन

प्रदेश के सभी किसानों के लिए राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ पारदर्शी तथा समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराया जा सकेगा।

योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए किसानों की पहचान एवं प्रमाणीकरण आसानी से हो सकेगा।

 किसानों के लिए कृषि ऋण, वित्त और अन्य सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए कृषि सेवाओं की उपलब्धता में सुगमता रहेगी।

सभी किसानों को इसका रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा। सरकार का मानना है कि इससे किसानों के हित में शासन की विभागीय योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शिता के साथ हो सकेगा।
आरपीएस नायक,उप संचालक कृषि उज्जैन।

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