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महाकाल लोक में घोटाला उजागर, आरक्षित कोटे की भी दो दुकानें ले ली

4 दुकानें, एक शख्स, कीमत 4 करोड़

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सुधीर नागर | उज्जैन। महाकाल मंदिर परिसर में विकसित महाकाल लोक में बनी दुकानों को आवंटित करने के मामले में बड़ी गड़बड़ी उजागर हुई है। एक ही व्यक्ति ने दो करोड़ रुपए से अधिक कीमत की चार दुकानें अपने नाम आवंटित करा ली, जिनमें से दो आरक्षित कोटे की थी। आरक्षण का लाभ दो बार नहीं लिया जा सकता। यह मामला स्मार्ट सिटी बोर्ड की बैठक में आला अफसरों के सामने आया। बोर्ड ने एक दुकान का आवंटन करने का निर्णय लिया।

महाकाल महालोक में कई दुकानों का निर्माण किया गया है। देशभर से लोग महाकाल लोक देखने के लिए आ रहे हैं।।इस कारण महाकाल लोक परिसर में बनी दुकानों को लेने के लिए लोगों में खासकर उत्साह है। लंबे समय से इन दुकानों की नीलामी अधर में पड़ी हुई है। शुक्रवार को कलेक्टर नीरज कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई स्मार्ट सिटी की बोर्ड बैठक में विभिन्न प्रस्तावों पर मंथन किया गया। इसमें महाकाल लोक की दुकानों की नीलामी का मुद्दा भी उठा।

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अधिकारियों ने बताया वरुण अशोक नागौरी नाम के एक व्यक्ति ने चार महंगी दुकानें ले ली हैं। दो दुकानें आरक्षित कोटे की हैं जबकि दो सामान्य कोटे की। जबकि नियम यह है कि आरक्षण का लाभ एक व्यक्ति को एक ही एक ही बार दिया जा सकता है, लेकिन नागौरी को आरक्षण का लाभ दो बार मिल गया। बोर्ड ने तीन दुकानों को आवंटन निरस्त करने का निर्णय लेकर अनारक्षित कोटे की एक दुकान ही देने का निर्णय किया। बैठक में नगर निगम आयुक्त आशीष पाठक, सीईओ यूडीए संदीप सोनी, सीईओ स्मार्ट सिटी संदीप शिवा, पार्षद रामेश्वर दुबे आदि मौजूद थे।

एक सामान्य, तीन आरक्षित दुकानें

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नागौरी ने जो चार दुकानें अपने नाम ले ली थीं उनमें से एक सामान्य और बाकी तीन आरक्षित कोटे की थी। सवाल यह है कि गड़बड़ी कैसे हुई और कौन जिम्मेदार है। इस मामले की अब गंभीरता से जांच कर लापरवाही और गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

कौनसी दुकान कितने में ली

दुकान नंबर 4 को 55 लाख 55 हजार 555 रुपए में लिया।

दुकान नंबर 11 को भी 55 लाख 55 हजार 555 रुपए में लिया।

दुकान नंबर 12 को 57 लाख 55 हजार 555 रुपए में लिया।

दुकान नंबर 17 को 58 लाख 55 हजार 555 रुपए में लिया।

एक दुकान का आरक्षण निरस्त

बोर्ड में यह मामला सामने आया है। आरक्षण का लाभ दो बार किसी को दिया नहीं जा सकता। इस कारण आरक्षण कोटे की एक दुकान निरस्त की गई है। – नीरज कुमार सिंह, कलेक्टर एवं अध्यक्ष स्मार्ट सिटी बोर्ड

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