आज फिर मकानों पर चली पोकलेन-जेसीबी

रहवासी अफसरों से समय मांगने पहुंचे, जवाब मिला दो दिन पहले दे चुके सूचना
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उज्जैन। जूना सोमवारिया क्षेत्र की सरकारी जमीन पर लोगों ने पक्के मकान बना लिए। खास बात यह कि जनप्रतिनिधियों ने यहां सड़क, स्ट्रीट लाइट और पाइप लाइन भी बिछा दी। अब नगर निगम और प्रशासन द्वारा इन मकानों को तोडऩे की कार्रवाई की जा रही है।
सुबह पुलिस, प्रशासन व नगर निगम अफसरों की टीम जूना सोमवारिया स्थित जमातखाने के पीछे के मकानों को तोडऩे पहुंची। हालांकि जिन मकानों को तोड़ा जाना था उनमें रहने वाले अपने घरों का सामान दूसरी जगह शिफ्ट कर रहे थे। पुलिस और क्यूआरएफ की टीम के पोजिशन लेते ही नगर निगम के वाहन से एनाउंसमेंट शुरू हुआ।
लोगों को घरों से बाहर निकलने की चेतावनी दी गई। पोकलेन व जेसीबी मकानों की तरफ बढ़ी और ऑपरेटर ने मशीनों के पंजे मकानों पर चलाना शुरू कर दिए। देखते ही देखते पक्के मकान धराशायी होने लगे। एसडीएम ने चर्चा में बताया कि सरकारी जमीन पर कुल 57 अवैध मकान चिन्हित किए गए हैं जिन्हें तोडऩे की कार्रवाई की जा रही है, जबकि शुक्रवार को नगर निगम की जमीन से अतिक्रमण हटाया गया था।

लोन, नामांतरण और रजिस्ट्री दिखाते रहे लोग
सरकारी जमीन पर मकान बनाकर रहने वाले लोग अफसरों को प्रायवेट बैंक से लोन लेने, नगर निगम में नामांतरण का आवेदन और रजिस्ट्री संबंधित कागजात दिखाते रहे। अफसरों का कहना था कि इन कागजातों से कुछ होने वाला नहीं है। सरकारी जमीन का कब्जा छोडऩा पड़ेगा। क्षेत्रीय पार्षद कुछ लोगों के साथ अफसरों के पास पहुंचे और तोडफ़ोड़ की कार्रवाई कुछ दिन आगे बढ़ाने की मोहलत मांगी। अफसरों ने इससे इंकार कर दिया।
अवैध कॉलोनी में कैसे मिली सुविधा…
नगर निगम द्वारा अवैध कालोनी में सीसी सड़क निर्माण कराया गया। पीएचई द्वारा पाइप लाइन के जरिए घरों तक पेयजल सप्लाय किया जा रहा है। स्ट्रीट लाइट भी लगाई गई है। सरकारी विभागों द्वारा उक्त सुविधाएं दिए जाने की चर्चा भी यहां चल रही थी। लोगों का कहना था कि यदि निर्माण अवैध हैं तो अफसरों ने यहां लाखों रुपए के निर्माण कार्य क्यों करवाए।









