कांग्रेस : जीतू की टीम में उज्जैन से चेतन, माया और महेश को मौका

अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पूरे प्रदेश को खंगालते हुए भारी भरकम टीम की घोषणा कर दी है। लंबे समय से सूची का इंतजार किया जा रहा था। स्थानीय कांग्रेस नेता इस सूची में शामिल होने के लिए अपने आकाओं से संपर्क बनाए हुए थे।
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उज्जैन की बात की जाए तो यहां से तराना विधायक महेश परमार को टीम में मौका मिला है। वे उपाध्यक्ष बनाए गए हैं। महेश को कमलनाथ का अतिविश्वसनीय साथी माना जाता है। वे दूसरी बार विधायक बने हैं। महापौर के चुनाव में सफल नहीं हो सके, लेकिन शहर में दमदार इंट्री की। चेतन यादव को महामंत्री बनाया गया है। चेतन को राजनीति के गुर विरासत में मिले हैं। उनके पिता स्व. प्रेमनारायण यादव नगर निगम के अध्यक्ष रह चुके थे। चेतन को भी कमलनाथ गुट का माना जाता है। वे पिछली बार उज्जैन दक्षिण से चुनाव लड़ चुके हैं।
माया त्रिवेदी भी जीतू की सूची में महामंत्री हैं। टिकट न मिलने पर उन्होंने उज्जैन उत्तर से निर्दलीय चुनाव लड़ा और सफल नहीं हो सकीं। पिछले चुनाव में उन्हें कमलनाथ कोटे से टिकट मिला था। इस चुनाव में भी उन्हें पराजय का मुंह देखना पड़ा। माया सामाजिक कार्यों में सक्रिय नजर आती हैं। यह पद उसी सक्रियता का परिणाम है।
दिग्विजय गुट में छाई निराशा
उम्मीद की जा रही थी कि जीतू की जेम्बो टीम में दिग्विजय गुट को भी मौका मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। दिग्गी के दस साल के कार्यकाल में कई स्थानीय नेता सुर्खियों में रहे, उनके अति निकट रहे। नगर निगम के चुनाव में भी दिग्गी गुट का बोलबाला रहता था। लेकिन जीतू की सूची आने के बाद सबकुछ साफ हो गया।
जिसने चुनाव लड़ा, वह आगे बढ़ा
जीतू की सूची कल ही आ गई थी। कांग्रेसी खेमे में खुसर-पुसर होने लगी थी। मोबाइल घनघनाने लगे थे। राजनीति के पंडित विश्लेषण में जुट गए थे। खबरें भी बाहर आने लगी थी। यह खबर बेहद चर्चित रही कि जिसने चुनाव लड़ा वह आगे बढ़ा। यानी चुनाव लडऩे वालों को तवज्जो दी गई। तर्क यह भी दिया गया कि चुनाव और भी लोगों ने लड़ा? उन्हें मौका क्यों नहीं मिला? जवाब था, ऐन वक्त पर संयम टूटा, विश्वसनीयता पर सवाल उठे और भरोसा तोड़ा। जीतू को यहां की राजनीति और नेताओं के बारे में पूरी मालूमात थी। लिहाजा, नापतौल कर टीम की घोषणा हो गई।









