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दो साल के कालिदास सम्मान देंगे उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़

देश की 8 विभूतियों को कालिदास सम्मान अलंकरण से करेंगे सम्मानित

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अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। महाकाल नगरी उज्जैन में आयोजित होने वाले अखिल भारतीय कालिदास समारोह का उद्घाटन इस बार उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ करेंगे और दो साल के कालिदास सम्मान अलंकरण एक साथ प्रदान करेंगे। वे देश की आठ विभूतियों को कालिदास सम्मान अलंकरण से सम्मानित भी करेंगे। दरअसल, दो साल से सम्मान प्रदान नहीं किए जा सके थे, इसलिए इस बार प्रदान किए जाएंगे।

कला और साहित्य संस्कृति के लिए समर्पित सात दिवसीय अखिल भारतीय कालिदास समारोह का आयोजन प्रति वर्ष देवप्रबोधनी एकादशी के दिन कालिदास अकादमी में होता है। इस वर्ष यह 12 नवंबर से आरंभ होगा और 18 नवंबर तक चलेगा। कालिदास अकादमी के निदेशक डॉ. गोविंद गंधे ने बताया उपराष्ट्रपति द्वारा उदघाटन का प्रस्तावित कार्यक्रम तय हो गया है। वे 12 नवंबर को दोपहर 2 बजे आएंगे और उद्घाटन सत्र में शामिल होंगे।

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सीएम के आमंत्रण को स्वीकारा

उपराष्ट्रपति धनखड़ के हाथों से कालिदास समारोह का उद्घाटन कराने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रयासरत थे। उन्होंने विशेष रूप से आमंत्रित किया था। अंतत: उपराष्ट्रपति ने स्वीकृति प्रदान कर दी। मुख्यमंत्री स्वयं उनको भोपाल से साथ लेकर उज्जैन आएंगे।

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दो साल बाद मिलेगा सम्मान

कालिदास सम्मान अलंकरण दो साल बाद उपराष्ट्रपति के करकमलों से आठ विभूतियों को प्रदान किए जाएंगे। दरअसल 2022 में घोषणा नहीं हो सकी थी और 2023 में समारोह आयोजित नहीं हो सका था। चुनाव की आचार संहिता के कारण अनिश्चितता और समय की कमी के कारण केवल गढ़कालिका माता मंदिर में वागार्चन और महाकवि कालिदास की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर विद्वत संगोष्ठी का आयोजन ही हो सका था।

कब क्या होगा

उपराष्ट्रपति दोपहर 2 बजे आएंगे।

सबसे पहले अकादमी परिसर में महाकवि कालिदास की प्रतिमा पर माल्यार्पण।

अकादमी द्वारा आयोजित राष्ट्रीय चित्र और मूर्तिकला का शुभारंभ।

समारोह के मंच पर पहुंचेंगे और दीप प्रज्वलन करेंगे।

राष्ट्रगान, वंदे मातरम गान के पश्चात मंगलाचरण होगा।

अतिथियों का स्वागत पश्चात कालिदास सम्मान अलंकरण प्रदान।

उपराष्ट्रपति का उद्बोधन भी मंच से होगा।

इनको मिलेगा सम्मान

कालिदास सम्मान शास्त्रीय संगीत- 2022 के लिए ध्रुपद गायक पं. उदय भवालकर पुणे को और 2023 के लिए सितार वादक पं. अरविंद पारीख मुम्बई को।

कालिदास सम्मान शास्त्रीय नृत्य- 2022 के लिए भरतनाट्यम में डॉ. संध्या पुरेचा मुंबई, और 2023 के लिए मणिपुरी नृत्यांगना गुरु कलावती देवी मणिपुर को।

कालिदास सम्मान शास्त्रीय रूपंकर कलाएं- 2022 के लिए मूर्तिकार पीआर दारोज दिल्ली और 2023 के लिए चित्रकार रघुपति भट्ट मैसूर को।

कालिदास सम्मान रंगकर्म- 2022 के लिए रंगकर्मी भानु भारती राजस्थान और 2023 के लिए रंगकर्मी रुद्रप्रसाद सेनगुप्ता कोलकाता को।

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