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फैमिली बिजनेस आगे बढ़ाने के लिए जेईएस करेगा प्रेरित

दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन में देशभर के 30 शहरों के 400 प्रतिनिधि एकत्र हुए

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। परिवार के पारंपरिक बिजनेस से नई पीढ़ी को जोडऩे के मकसद से जैन इंजीनियर्स सोसायटी के 30 चैप्टर के 400 प्रतिनिधियों ने दो दिन तक उज्जैन में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए। इस दौरान मोटिवेशनल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी गईं और बेहतर काम करने वाले चैप्टर को खिताब से नवाजा।

इस वर्ष जैन इंजीनियर्स सोसायटी का 17वां राष्ट्रीय अधिवेशन उज्जैन चैप्टर की मेजबानी में स्थानीय मनसा रिसॉर्ट में हुआ, जिसमें उज्जैन चैप्टर ने कोई कसर नहीं छोड़ी। इस राष्ट्रीय अधिवेशन के खुशनुमा माहौल में दो दिन तक सोसायटी से जुड़े देशभर के उद्योगपति एवं इंजीनियर्स ने पारंपरिक बिजनेस को आगे बढ़ाने पर गहन मंथन किया।

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देश के प्रतिष्ठित ब्रांडकोच राजेश अग्रवाल ने अपने स्पेशल सेशन में बेहद रोचक अंदाज में पारंपरिक बिजनेस के फायदे और इसे नई पीढ़ी द्वारा आगे बढ़ाने के गुर बताए। परिवार की एकजुटता से अपनी बात उन्होंने शुरू की और पारंपरिक बिजनेस से मिलने वाली खुशी को बेहतरीन अंदाज में बयां किया। हालांकि पारिवारिक व्यवसाय में आने वाली दिक्कतों को भी उन्होंने साझा किया और इसका हल बताते हुए सावधानियों का जिक्र किया।

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अग्रणी टेक्सटाइल कारोबारी संतोष जैन मुख्य अतिथि व मोयरा स्टील के संस्थापक संदीप जैन और कृति इंडस्ट्रीज के संस्थापक शिवसिंह मेहता विशेष अतिथि थे। अध्यक्षता रानेका इंडस्ट्रीज के आर के जैन ने की। कार्यक्रम में 16 चैप्टरों ने सालभर तक किए गए अपने कार्य का ब्योरा दिया। औरगांबाद और भोपाल को संयुक्त रूप से बेस्ट चैप्टर का खिताब मिला। फाउंडर चेयरमैन राजेंद्रसिंह जैन ने जेईएस के परमार्थिक कामों की जानकारी दी। कार्यक्रम में मुंबई, दिल्ली, जयपुर, कोटा, पुणे, इंदौर, उदयपुर, फरीदाबाद, भिलाई, दुर्ग, विदिशा, सागर और हैदराबाद चैप्टर प्रमुख रूप से शामिल हुए।

नाटक से दी पांरपरिक बिजनेस के फायदे की जानकारी
दो दिवसीय आयोजन में पारंपरिक बिजनेस के फायदे को बेहतर तरीके से समझाने के लिए नाटय प्रस्तुति भी दी गई। इसमें बड़े शहरों की चकाचौंध के पीछे छिपी दिक्कतों और छोटे शहरों की खूबियों को प्रभावी तरीके से बताया गया।। कलाकारों का जीवंत प्रदर्शन देख दर्शक विभोर हो गए। कार्यक्रम में मिलेटस यानी श्री अन्न का उपयोग दैनिक जीवन में बढ़ाने का संदेश छोटे-छोटे बच्चों द्वारा विभिन्न मिलेटस का वेश धारण करके नाट्य प्रस्तुति द्वारा दिया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम की संयोजक सीमा शाह थीं। कार्यक्रम का संचालन जेईएस मुंबई की विधि जैन ने किया। इस मौके पर स्मारिका ‘विरासत’ भी प्रकाशित की गई जिसका संपादन दीपक जैन ने किया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अतुल जैन, उज्जैन चैप्टर प्रेसिडेंट विनय छांजेड, कॉन्फ्रेंस चेयरमैन मनीष जैन, शैलेंद्र शाह, सेक्रेटरी संजय श्रीश्रीमाल, सत्येंद्र जैन, उज्जैन विकास प्राधिकरण के शैलेंद्र जैन प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

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