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नए साल में रुद्रसागर ब्रिज से जा सकेंगे महाकाल मंदिर

धूप से बचाने के लिए केनोपी लगाने का प्रस्ताव खारिज

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25 करोड़ की लागत से बना पहला पैदल पुल इस माह होगा तैयार

अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। नए साल 2025 से महाकाल दर्शन करने आने वाले देशभर के दर्शनार्थियों को रूद्रसागर ब्रिज से होकर महाकाल लोक और मंदिर में प्रवेश का एक अलग अनुभव होगा। 25 करोड़ रुपए की लागत से यह बनकर तैयार हो रहा है। हालांकि अब इस पर धूप और छांव से बचाने के लिए केनोपी नहीं लगेगी।

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रूद्रसागर पर दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए पैदल पुल बनाया जा रहा है, जो इस माह के अंत तक पूरी तरह तैयार हो जाएगा। हालांकि जनवरी में मकर संक्रांति तक इसका लोकार्पण होने की संभावना है। गुरुवार को कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने इस माह तक काम पूरा करने का निर्देश दिया है। फिलहाल स्टोन क्लैडिंग का काम चल रहा है और फ्लोरिंग का काम बाकी है। मकर संक्रांति तक इसका लोकार्पण किया जा सकता है।

केनोपी के प्रस्ताव में हुई देरी!

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ब्रिज का काम एक साल की देरी से पूरा हो पा रहा है। इसकी वजह यह बताई जा रही है कि स्मार्ट सिटी ने ब्रिज पर दर्शनार्थियों को धूप छांव से बचाने के लिए एयरपोर्ट की तरह केनोपी लगाने की योजना तैयार की थी। इसका प्रस्ताव भी शासन के पास भेज दिया गया था। इस कारण ब्रिज का काम रोका गया। हालांकि सरकार ने केनोपी का प्रस्ताव खारिज कर दिया, क्योंकि तेज बारिश और आंधी के कारण दुर्घटना होने की आशंका भी जताई गई थी। महाकाल लोक में सप्त ऋषियों की मूर्तियां तेज आंधी में उडऩे की घटना के बाद सरकार महाकाल मंदिर को लेकर ज्यादा सतर्क है।

ब्रिज से देख सकेंगे महाकाल लोक का दृश्य

ब्रिज को बीच में से चौड़ा बनाया गया है ताकि दर्शनार्थी यहां से महाकाल लोक और मंदिर के शिखर के दर्शन कर सकें।

बीच में 19 मीटर चौड़ा स्पेस छोड़ा गया है, जो इसे एक अनोखा और आकर्षक डिजाइन देता है।

ब्रिज 200 मीटर लंबा और 7 मीटर चौड़ा है।

मई 2022 में इसे बनाने का काम शुरू हुआ था।

ब्रिज का एक छोर गणेश नगर स्कूल के सामने है और दूसरा छोर महालोक फेसिलिटी सेंटर-2 से जुड़ता है।

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