मंदिर के अन्नक्षेत्र में 1 शिफ्ट में 110 कर्मचारी, सुरक्षा में भारी लापरवाही

सब्जी धोने, आलू छीलने के अलावा दाल-सब्जी भी बनाई जाती है मशीनों से

अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। सुबह करीब पौने सात बजे महाकालेश्वर मंदिर अन्नक्षेत्र के अन्नपूर्णा रसोई में लगी आलू छीलने की मशीन में महिला कर्मचारी केशव नगर निवासी 30 वर्षीय रजनी खत्री पिता प्रकाश खत्री का दुपट्टा फंसने के बाद उसके गले में लिपटे दुपट्टे का फंदा बन गया जिससे रजनी की मृत्यु हो गई।
चीख सुनकर अन्नपूर्णा रसोई में काम कर रही महिला कर्मचारी मशीन की तरफ दौड़ीं। कर्मचारी ने मशीन बंद की। रजनी को फंदे से निकाला। यह दृश्य देखकर उसकी साथी कर्मचारी नृसिंहघाट कालोनी निवासी ममता सेन पति मनोज सेन बेहोश हो गई। एम्बुलेंस से दोनों को चरक अस्पताल ले जाया गया। यहां डॉक्टर ने रजनी को मृत घोषित कर शव जिला चिकित्सालय पीएम रूम में रखवा दिया। बेहोश कर्मचारी ममता सेन को उपचार के लिए प्रायवेट अस्पताल ले गए। सूचना मिलने पर कलेक्टर नीरज कुमार सिंह अन्नक्षेत्र पहुंचे। घटना स्थल का मुआयना किया।
सिक्योरिटी ड्यूटी छोड़कर आई थी अन्नक्षेत्र में: व्यवस्थापक तिवारी ने बताया कि रजनी पहले अन्नक्षेत्र में काम करती थी फिर मंदिर सिक्योरिटी ड्यूटी करने चली गई थी। करीब 7 दिन पहले ही उसने अन्नक्षेत्र में पुन: काम संभाला। दोपहर शिफ्ट की ड्यूटी करने के बाद तीन दिनों से वह सुबह 6 बजे वाली शिफ्ट में काम करने आई थी। वह केएसएस कंपनी की कर्मचारी थी। मैनेजर ध्रुवमिल नायक ने बताया कि कंपनी द्वारा सभी कर्मचारियों का इंश्योरेंस कराया गया है।
11 वर्षों से पति से अलग बेटे के साथ रहती थी: रजनी के भाई हेमंत खत्री ने बताया कि उसकी बहन पिछले 11 वर्षों से पति से अलग होकर मायके में ही रहती थी। उसका 12 वर्ष का बेटा अंश खत्री है। पिता प्रकाश खत्री पटनी बाजार में हम्माली का काम करते हैं। हेमंत ने बताया कि रजनी वर्षों पूर्व महाकाल मंदिर में प्रायवेट कर्मचारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहती थी।
ट्रेंड कर्मचारी और सुरक्षा उपकरण नहीं: महाकालेश्वर मंदिर अन्नक्षेत्र में कर्मचारी हजारों लोग प्रतिदिन सुबह शाम भोजन करते हैं। भोजन तैयार करने के लिए 110 महिला-पुरुष कर्मचारी रसोई में तैनात हैं। कर्मचारी परंपरागत रूप से ट्रेंड हैं, लेकिन प्रोफेशनल नहीं। वहीं रसोई में सब्जी धोने से लेकर दाल, चावल, सब्जी बनाने तक की बड़ी-बड़ी मशीनें हैं जिनमें भोजन तैयार होता है। इन मशीनों को चलाने वाले कर्मचारियों को सुरक्षा के कोई साधन उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।
आज प्रतीकात्मक खुलेगा अन्नक्षेत्र
अन्नक्षेत्र व्यवस्थापक मीलिंद तिवारी ने बताया कि अन्नक्षेत्र का संचालन दो शिफ्ट सुबह 6 से दोपहर 2 बजे व दोपहर 2 से रात 10 बजे के बीच किया जाता है। रजनी खत्री रोजाना की तरह सुबह 6 बजे बाद काम पर आई थी। वह अन्य कर्मचारियों के साथ काम कर रही थी उसी दौरान हादसे में उसकी मृत्यु हुई। सुबह की शिफ्ट में करीब 110 कर्मचारी काम करते हैं। हादसे के बाद सभी गमगीन हैं। इस कारण आज अन्नक्षेत्र को सिर्फ प्रतीकात्मक खोला जाएगा।









