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अभिषेक ने जेल जाने से पहले क्या कहा…

उज्जैन। महाकाल मंदिर को अपनी आय का साधन बनाने वाले सभी आरोपी इस समय जेल में हैं। रितेश वह किरदार है जो पुलिस को चकमा दे रहा है। मंदिर में अब व्यवस्थाएं भी बदल चुकी हैं।

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साल के यह अंतिम दिन चल रहे हैं, भीड़ बढ़ती जा रही है। प्रोटोकॉल प्रभारी अभिषेक भार्गव वह शख्स है जो सबसे अंत में जेल गया है। जेल जाने से पहले उसने एक बात कही है। उसकी बात में कितनी सच्चाई है यह आने वाला वक्त बताएगा।

जेल जाने से पहले अक्षरविश्व ने उससे बात करने की कोशिश की थी। वह महाकाल थाने में कुर्सी पर बैठा अखबार पढ़ रहा था। नजरें मिलते ही उससे पूछा गया, क्या हुआ रिमांड में? उसका कहना था, कुछ नहीं। कोई जबरदस्ती नहीं हुई, कोई टार्चर नहीं किया गया। सामान्य पूछताछ हुई।

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जो था, जो हुआ वह बता दिया। कुछ देर के लिए वह रुका और बोला, सबकुछ तय था। उसका यह जुमला कई अर्थों में लिपटा हुआ था। कुरेदने पर भी उसने खुलासा नहीं किया कि किस प्रकार, कैसे सबकुछ तय था। बात काटते हुए उसने कहा, अब किसी का नाम सामने नहीं आएगा।

यह एपिसोड यहीं समाप्त हो गया। क्या बात कर रहे हो? हां, देख लेना, उसने दावे से कहा। फिर कहा, आपको मेरी बात पर यकीन नहीं हो रहा है। इंतजार कीजिए, आपको मेरी बात याद आएगी। बहरहाल, उसकी बात में कितनी सच्चाई है। उसने दावे से क्यों कहा? क्या महाकाल मंदिर में भ्रष्टाचार करने वाला यही एक गिरोह था। अभी रितेश फरार है।

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