श्रद्धालु बोले- पहरे में भगवान महाकाल, व्यवस्था बनाने के नाम पर ढाई घंटे पहले ही बंद किया मंदिर

दूसरे राज्यों से आने वाले दर्शनार्थियों को सबसे ज्यादा रही दिक्कत, भटकते रहे, नहीं मिली सही जानकारी

अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक श्री महाकालेश्वर मंदिर में गुरुवार को पुलिस और सुरक्षाकर्मियों का सख्त पहरा रहा। भगवान के पहरे में होने से भक्त भी उनसे दूर हो गए। साल में एक बार दोपहर में होने वाली भस्मार्ती के लिए व्यवस्थाएं बनाने के नाम पर मंदिर को ढाई घंटे पहले ही खाली करवा लिया गया। इससे सबसे ज्यादा परेशानी बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को हुई। वह यहां-वहां भटकते रहे लेकिन किसी ने उन्हें सही जवाब नहीं दिया।
दरअसल, हर साल की तरह इस वर्ष भी महाशिवरात्रि के दूसरे दिन गुरुवार को भगवान को सेहरा सजाया गया। तीन क्विंटल फूलों से बने सेहरे के दर्शन के लिए भारी तादाद में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। दर्शन पूरे होने के बाद सेहरा को उतारकर श्रद्धालुओं को लुटाया गया। मान्यता है कि सेहरे के धान, फूल इत्यादि को घर में रखने से सुख-समृद्धि का वास बना रहता है।
इसके बाद सुरक्षाकर्मियों के साथ मिलकर पुलिसकर्मियों ने मंदिर को खाली करवा लिया। सुबह 9:30 से 10 बजे के बीच पूरे मंदिर परिसर को खाली करवा लिया गया। इस दौरा हर जगह केवल पुलिसकर्मी और क्रिस्टल के सिक्योरिटी गार्ड्स ही नजर आ रहे थे जिन्होंने किसी को भी अंदर प्रवेश करने नहीं दिया। इससे कई श्रद्धालुओं को मायूस होकर लौटना पड़ा। इस दौरान भारत माता मंदिर पार्किंग में एक युवक का प्रवेश करने को लेकर सुरक्षाकर्मियों से विवाद भी हो गया। इस दौरान सुरक्षाकर्मी बदतमीजी पर उतर आए।
जनसंपर्क के कर्मचारी की अव्यवस्था के कारण नहीं मिले पास
महाशिवरात्रि के लिए पास जारी करने के बाद जनसंपर्क विभाग ने गुरुवार सुबह तक भगवान महाकाल की भस्मार्ती के कवरेज के लिए कई मीडियाकर्मियों को पास जारी नहीं किए थे जिसके चलते उन्हें एंट्री नहीं मिली। संस्थान का कार्ड दिखाने के बावजूद उन्हें प्रवेश नहीं करने दिया गया।
जनसंपर्क विभाग की इस अव्यवस्था के संबंध में एपीआरओ कपिल मिश्रा से बात की तो उन्होंने भी गोलमोल जवाब दिया। मिश्रा ने कहा कि मैं सुबह से बिजी हूं, अब कुछ नहीं हो सका। मैं कुछ नहीं कर सकता। जब उनसे पूछा कि एक दिन पहले ही पास जारी क्यों नहीं किए तो उन्होंने खिसियाते हुए फोन काट दिया।
अक्षर विश्व से शेयर किया अनुभव
मैं कल उज्जैन आया था। रात को ३ बजे भी दर्शन करने पहुंचा था लेकिन दर्शन नहीं हुए। मुझसे कहा गया सुबह आना, अब सुबह आया तो पुलिसकर्मी कह रहे हैं कि जिसके पास भस्मार्ती का पास है, केवल उसी को अंदर एंट्री मिलेगी। सामान्य दर्शनार्थियों को प्रवेश नहीं मिलेगा। – अर्जुन भाई पटेल, आणंद (गुजरात)
रात 2 बजे मंदिर पहुंचा था लेकिन मुझसे कहा गया सुबह आना, बिना पास के दर्शन हो जाएंगे। सुबह ६ बजे आया तो कहा गया सामान्य लोग जा सकते हैं, फिर में काम निपटाने चला गया। 9:30 बजे आया तो मना कर दिया कि अंदर नहीं जा सकते, आज मुझे घर जाना है लेकिन अब टिकट कैंसिल करवाना पड़ेगा। – दीपक चावला, ओडिशा









