Advertisement

जिला अस्पताल को मिली लाखों रुपए कीमत की सफाई मशीनें अटाले में

6 मंजिला चरक अस्पताल में 51 सफाईकर्मी तीन शिफ्ट में कर रहे काम

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe

Advertisement

अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। सीवर लाइन फूटने से दूषित पानी चरक अस्पताल परिसर में प्रतिदिन फैल रहा है जिससे गंभीर बीमारी फैलने का खतरा है। इस लाइन को ठीक कराना तो दूर अस्पताल के अफसर अस्पताल के वार्ड और ऑफिस की सफाई तक ठीक से नहीं करा पा रहे। स्थिति यह है कि 6 मंजिला चरक अस्पताल में 51 सफाईकर्मी तीन शिफ्ट में काम कर रहे हैं और जो मशीनें मिली थीं उन्हें अटाले में रखा गया है।

इसलिए मिली थी मशीनें

Advertisement

बैटरी से चलने वाली 6 सफाई मशीन शासन द्वारा जिला चिकित्सालय को उपलब्ध कराई गई थी। एक मशीन से एक कर्मचारी अस्पताल के एक फ्लोर सफाई करता था। कुछ दिनों तक मशीन का उपयोग हुआ फिर जिला चिकित्सालय को चरक अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया। यहां आने के कुछ दिनों तक एक-दो मशीनें चलाई गई उसके बाद एक-एक कर मशीनें खराब होती गई और वर्तमान स्थिति यह है कि इन्हें अटाले में चरक अस्पताल की छठी मंजिल के स्टॉक रूम में रख दिया गया है। अब अस्पताल में सफाईकर्मी ही सफाई करते हैं।

यह है मरीजों की परेशानी

Advertisement

अस्पताल परिसर में इमरजेंसी के ठीक बाहर सीवरेज का पानी फैल रहा है। आरएमओ चिन्मय चिंचौलीकर इसका कारण मेडिकल कॉलेज निर्माण के दौरान खोदी गई लाइन को बता रहे हैं। नगर निगम से टैंक खाली करने की मशीन बुलाकर प्रतिदिन 3-4 बार में चैम्बर खाली करा रहे हैं। इसको एक माह से अधिक समय गुजर गया लेकिन लाइन ठीक नहीं हो पाई। वार्ड और ऑफिस की सफाई ठीक से नहीं हो रही। चौथी मंजिल पर लाइन चोक होने से पानी फैल रहा है। अस्पताल में अलग-अलग बीमारियों से ग्रसित मरीज आते हैं, यदि ऐसे में सफाई व्यवस्था ही ठीक नहीं हुई तो मरीजों के साथ उनके परिजन में संक्रमण फैलने का खतरा मंडरा रहा है, लेकिन अस्पताल के अफसरों को इससे कोई सरोकार नहीं।

इसलिए नहीं हो रही सफाई

चरक अस्पताल को शासन ने करोड़ों रुपए की लागत से सर्वसुविधा युक्त एवं मरीजों की आवश्यकता के हिसाब से बनवाया था। जब तक यहां महिला एवं शिशु रोग विभाग संचालित हो रहा था व्यवस्थाएं कुछ हद तक ठीक रही, लेकिन जिला अस्पताल के यहां शिफ्ट होते ही सारी व्यवस्थाएं ध्वस्त होने लगीं। स्थिति यह है कि 6 मंजिल के चरक अस्पताल में अधिकांश वार्ड, ओपीडी, डॉक्टर्स चैम्बर, लैब, इमरजेंसी आदि संचालित हो रहे हैं। इनकी सफाई के लिए मात्र 51 सफाईकर्मी हैं जिनमें वार्डबाय, आया, स्वीपर शामिल हैं। उक्त लोगों से 8-8 घंटे की शिफ्ट में काम लिया जा रहा है। इतने बड़े परिसर की सफाई उक्त लोग किस हिसाब से कर सकते हैं इसका जवाब अफसरों के पास भी नहीं।

Related Articles

Write a review