Advertisement

एआईसीसी-पीसीसी पर्यवेक्षक 16 जून तक अस्तबल में तलाशेंगे संगठन के ‘रेस के घोड़े’

गुजरात के बाद मध्यप्रदेश के 60 जिलों में चल रही कवायद

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

Advertisement

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष की मंशानुसार अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पर्यवेक्षक ने उज्जैन जिले में संगठन के लिए रेस के घोड़े(शहर अध्यक्ष-जिलाध्यक्ष) तलाशने शुरू कर दिए हैं। पर्यवेक्षक ब्लॉक सम्मेलन और लोगों से मेल-मुलाकात के जरिये चार से पांच नाम जुटाने की कवायद कर रहे हैं। आमआदमी से भी सीधी राय ली जा रही है। गुजरात के बाद मध्यप्रदेश में पार्टी संगठन सृजन अभियान चला रही है।

यह जानकारी एआईसीसी की प्रवक्ता और उज्जैन की पर्यवेक्षक रागिनी नायक ने मीडियाकर्मियों से मंगलवार को साझा की। रागिनी ने बताया कि गुजरात के बाद मध्यप्रदेश जैसी बड़ी स्टेट को संगठन सृजन अभियान के लिए चुना गया है। संगठन मुताबिक यहां के ६० जिलों के लिए नईदिल्ली और भोपाल से पर्यवेक्षकों की टीम भेजी गई है। हर टीम में तीन सदस्य शामिल हैं। उज्जैन में उज्जैन के प्रभारी अमित शर्मा, एआईसीसी पर्यवेक्षक रागिनी नायक और पीसीसी पर्यवेक्षक प्रतिभा रघुवंशी दावेदारों से बात कर रही है। पर्यवेक्षक १६ जून तक कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से चर्चा करेंगे और ३० जून तक एआईसीसी को रिपोर्ट सौपेंगे।

Advertisement

अलग-अलग लोगों से मेल-मिलाप, दावेदारों से मुलाकात के बाद ३० जून को एआईसीसी को भेजे जाएंगे नाम कब कहां जाएगी टीम

11 जून- दौलतगंज-सराफा ब्लॉक के कार्यकर्ताओं से केलकर परिसर में चर्चा। इसी दिन शाम ६ से रात १० तक जीवाजीगंज ब्लॉक में औदिच्य धर्मशाला अब्दालपुरा में बातचीत होगी।

Advertisement

12 जून- सुबह 11 से दोपहर 3 तक माधवनगर ब्लॉक और शाम 6 से रात 10 तक इंदिरानगर उपब्लॉक में चर्चा होगी।

13 जृन- सुबह 11 से दोपहर 3 तक अंबेडकरनगर ब्लॉक और शाम 6 से रात 10 तक शास्त्रीनगर में बातचीत करेंगे।

14 जून- सुबह 11 से दोपहर 3 तक शहर के दावेदारों से चर्चा होगी। शाम 4 से रात  8बजे तक सेवादल, युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं से फीडबैक लिया जाएगा।

15 जृन- सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक वरिष्ठ नेताओं से चर्चा, शाम 5 से 9 तक विभिन्न समाज और संस्थाओं के प्रतिनिधियों से चर्चा होगी।

16 जून- सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक पर्यवेक्षक, जिलाध्यक्ष, जिला प्रभारी, सहप्रभारी, प्रदेश पर्यवेक्षक संवाद कर रिपोर्ट तैयार करेंगे।

Related Articles

Write a review