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नया फ्रीगंज ओवरब्रिज…तोडऩा पड़ेगी ग्रांड होटल की बाउंड्रीवॉल

फोरलेन ब्रिज बनने के बाद पुराना ब्रिज भी ट्रैफिक के लिए आ सकेगा काम!

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उज्जैन। फ्रीगंज में नया फोरलेन ब्रिज बनाने के लिए ठेकेदार द्वारा तकनीकी डिजाइन तैयार की जा रही है। इसके लिए ग्रांड होटल की बाउंड्रीवॉल भी तोडऩा पड़ेगी। चामुंडमाता मंदिर चौराहे पर ट्रैफिक कंट्रोल की दृष्टि से नई रोटरी की डिजाइन भी तैयार की जा रही है। मौजूदा ब्रिज को भी यथावत रखा जा सकता है।

सिंहस्थ की तैयारी के लिए नए और पुराने शहर को जोडऩे वाले फ्रीगंज ओवरब्रिज के समानांतर नया ओवरब्रिज बनाने के लिए अहमदाबाद की ठेकेदार कंपनी नए सिरे से तकनीकी डिजाइन तैयार कर रही है। इसमें व्यावहारिक पहलुओं को भी देखा जा रहा है। कंपनी के सर्वे में यह बात भी सामने आई है कि ग्रांड होटल की बाउंड्रीवॉल को तीन से चार मीटर तक तोडऩा पड़ेगा। इसके लिए नगर निगम को पत्र लिखे जा चुके हैं।

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चामुंडामाता मंदिर की तरफ ब्रिज के अनुसार रोटरी की डिजाइन भी तैयार की जा रही है। टॉवर तरफ ट्रैफिक कंट्रोल में ज्यादा दिक्कतें नहीं आएंगी। कंपनी बारिश के दौरान यह काम कर रही है ताकि बारिश के मौसम बाद फोरलेन ब्रिज का काम शुरू किया जा सके। अभी अलाइनमेंट फाइनल करने का काम चल रहा है।

इसमें समय लग रहा। चामुंडामाता मंदिर तरफ नगर निगम के नगर वन और बीच में बने गार्डन को तोडऩा पड़ेगा। यह स्थिति पहले ही साफ ही चुकी है, लेकिन अब ग्रांड होटल की बाउंड्रीवॉल भी ब्रिज के दायरे में आ रही है। डॉ. भोरास्कर के पास निगम की एक बिल्डिंग भी तोडऩे की स्थिति बन रही है। इसके अलावा पुराने अशोक टॉकीज की तरफ टीन शेड की दुकानों को भी हटाने के लिए पत्र लिखा जा रहा है।

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रेलवे का पॉवर हाउस शिफ्ट होने का इंतजार…

नए स्वीकृत ब्रिज के दायरे में रेलवे का पॉवर हाउस भी आ रहा है। इसे शिफ्ट करने के लिए पीडब्ल्यूडी ब्रिज द्वारा 20 करोड़ की राशि जमा कराई जा चुकी है। पीएचई की 600 मीटर व्यास वाली लाइन को शिफ्ट करने के लिए भी निगम को राशि दी जा चुकी है। लाइन शिफ्ट करने के लिए पीएचई द्वारा ठेका दिया जा चुका है। नई लाइन अब ब्रिज के ऊपर न होकर अंडरग्राउंड की जाएगी। रेलवे का पॉवर हाउस शिफ्ट होने के बाद ही ब्रिज का काम शुरू हो सकेगा।

पुराने ब्रिज को यथावत रखा जाएगा…?

नए ब्रिज का निर्माण होने के बाद मौजूदा पुराने ब्रिज को भी ट्रैफिक के लिए यथावत रखने पर मंथन का दौर शुरू हो गया है, क्योंकि यह ब्रिज धन्नालाल की चाल की तरफ से आने और जाने के लिए उपयोगी रहेगा और 1980 में मक्सी रोड की तरफ बनाई गई ब्रांच भी यथावत रहेगी। नए ब्रिज के लिए इसे तोडऩे या बंद करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। नया ब्रिज मौजूदा ब्रिज से ऊंचा और करीब चार मीटर दूर बनेगा। हालांकि इस मामले में नया ब्रिज बनने के बाद शासन स्तर पर ही अंतिम निर्णय लिया जा सकेगा। हालांकि यह तय है कि सिंहस्थ 2028 तक मौजूदा ब्रिज और नए फोरलेन ब्रिज से लोग आवागमन कर सकेंगे।

वर्क ऑर्डर हो चुका, जीएडी बन रही

फ्रीगंज में नया फोरलेन ब्रिज बनाने के लिए ठेकदार कंपनी को वर्क ऑर्डर दे चुके हैं। कंपनी द्वारा फाइनल जीएडी तैयार की जा रही है। मौजूदा ब्रिज को लेकर निर्णय शासन स्तर पर ही होगा।-पीएस पंत, कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग सेतु

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