पर्वराज पयुर्षण का समापन : सुबह 108 धर्मध्वजा के साथ शोभायात्रा निकली, सामूहिक पारणा व बहुमान हुआ

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। दिगंबर जैन समाज के पर्वराज पर्युषण का आज समापन हो गया। मुनिश्री प्रणुतसागर महाराज के सानिध्य में रविवार सुबह रथयात्रा निकाली निकाली गई जिसमें लक्ष्मीनगर और सेठीनगर के तीनों जैन मंदिरों की श्रीजी (प्रतिमाएं) हाथी पर विराजित कर निकाली गई।

सुबह करीब 7 बजे टावर चौक से शोभायात्रा शुरू हुई, जिसमें 108 धर्मध्वजा, 5 हाथी, 2 राजशाही रथ, 21 घोड़े, 31 बग्गियां, 71 ढोल और 7 बैंड शामिल थे। शोभायात्रा शहीद पार्क, घासमंडी चौराहा, देसाइनगर, लक्ष्मीनगर गाय-चौराहा होते हुए महावीर दिगंबर जैन मंदिर पर समाप्त हुई। कठिन उपवास करने वाले तपस्वी, भगवान महावीर, आदिनाथ और शांतिनाथ भगवान के रथ भी शोभायात्रा में शामिल थे। शोभायात्रा में समाजजन नाचते-गाते चले।
रथ, हाथी-घोड़ों के कारण शोभायात्रा काफी लंबी थी। इसका एक सिरा लक्ष्मीनगर गाय चौराहा पर था तो अंतिम घासमंडी चौराहे पर था। समाजजनों ने इस दौरान शोभायात्रा को इतना व्यवस्थित रखा कि ट्रैफिक भी सुचारू चलता रहा। जीवंधर जैन ने बताया कि लक्ष्मीनगर स्थित महावीर दिंगबर जैन मंदिर पर जुलूस समाप्ति के बाद पर्युषण के दौरान 16 उपवास वाले 2 और 10 उपवास वाले 25 से अधिक तपस्वियों का सामूहिक पारणा और बहुमान किया गया। पारणा के बाद मुनिश्री प्रणुतसागर जी के प्रवचन होंगे और पहली बार तीनों मंदिरों के श्रीजी की प्रतिमाओं का एक साथ कलशाभिषेक किया जाएगा। कल सोमवार 8 सितंबर को क्षमावाणी होगी।









