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महाकाल टीआई रहे वर्मा पर कार्रवाई थाना प्रभारी से बनाए गए एसआई

उज्जैन। उज्जैन में महाकाल थाना प्रभारी रहे टीआई अजय वर्मा के खिलाफ इंदौर में दुष्कर्म के एक मामले में महिला की शिकायत के बाद आरोपी से 20 लाख रुपए लेकर केस रफादफा करने के मामले में इंदौर पुलिस आयुक्त संतोष सिंह ने कड़ा कदम उठाया है। इंदौर के एमआईजी थाने के पूर्व टीआई अजय वर्मा को पदावनत करते हुए उन्हें सब इंस्पेक्टर (एसआई) बना दिया है, जबकि इसी थाने के एएसआई धीरज शर्मा को आरक्षक बनाया गया है।

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दरअसल, दुष्कर्म का यह मामला 2022 को है। एक पीडि़ता ने एमआईजी थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी। मामले में वर्मा, शर्मा व एक अन्य आरक्षक ने आरोपी पक्ष से सांठगांठ कर मामले को रफादफा किया। यह मामला उजागर होने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने आंतरिक जांच के आदेश दिए थे। साथ ही रिश्वत के आरोपी पुलिसकर्मियों का तबादला कर दिया था। इसकी जांच रिपोर्ट आने के बाद पुलिस आयुक्त संतोष सिंह ने शुक्रवार को टीआई वर्मा को 2 साल के लिए और एएसआई शर्मा को 5 साल के लिए पदावनत कर दिया। इस केस में एक आरक्षक को बर्खास्त किया जा चुका है।

डीएसपी बनने की दौड़ में थे, एसआई बना दिए गए
वर्मा साल 1994 में सब इंस्पेक्टर बने थे। वर्ष 2021 में उन्हें थाना प्रभारी बनाया था। वे डीएसपी बनने की दौड़ में थे लेकिन अब दो साल बाद सब इंस्पेक्टर पद से ही रिटायर होंगे। एएसआई धीरज शर्मा वर्ष 2007 में आरक्षक बना था। फिर पदोन्नति हुई लेकिन अब फिर आरक्षक बना दिया गया है।

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रेप पीडि़ता बच्ची को गोद लेकर चर्चा में आए थे : महाकाल टीआई रहते हुए अजय वर्मा के कार्यकाल में वर्ष 2023 में 12 साल की मासूम बालिका के साथ दुष्कर्म की शर्मनाक वारदात हुई थी। इस घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। तब टीआई वर्मा ने रेप पीडि़ता बच्ची को गोद लेने की बात कही थी और उसकी पढ़ाई-लिखाई ही नहीं शादी का जिम्मा भी उठाने की बात कही थे।

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