तकिया मस्जिद मामला: सुप्रीम कोर्ट से अपील खारिज, निर्माण का रास्ता खुला

प्रशासन के पक्ष में आया फैसला; 10 माह से रुका महाकाल विस्तारीकरण का काम फिर से होगा शुरू
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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। महाकाल मंदिर विस्तारीकरण के लिए तोड़ी गई तकिया मस्जिद को दोबारा बनाने की अपील सुप्रीम कोर्ट से खारिज हो गई है। देश की सर्वोच्च कोर्ट के इस फैसले से महाकाल महालोक के विस्तारीकरण का काम फिर से शुरू होने राह खुल गई है। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने मस्जिद दोबारा बनवाने की अपील खारिज करते हुए जिला प्रशासन को निर्माण कार्य करने की अनुमति दे दी। फैसले के बाद शक्ति पथ की तरफ होने वाले महाकाल महालोक के काम शुरू होने का रास्ता खुल गया है।
अब तक क्या रहा मामले में
जनवरी 2025 में जिला प्रशासन ने शक्ति पथ के पास पार्किंग से सटी जमीन को खाली कराने की कार्रवाई की थी।इस जमीन पर मौजूद 257 मकानों और तकिया मस्जिद को अवैध बताकर तोड़ दिया था। मुस्लिम पक्ष का कहना था कि मस्जिद 200 वर्ष पुरानी वक्फ की संपत्ति है और उसे तोडऩे के लिए गलत प्रक्रिया अपनाई गई।
यूं चली कानूनी लड़ाई
नमाजियों ने पहले इंदौर हाईकोर्ट के सिंगल और फिर डबल बेंच में मस्जिद तोडऩे को चुनौती दी थी। दोनों ही जगह याचिका खारिज कर दी गई थी। यहां से नमाजियों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। सुप्रीम कोर्ट में भी दायर याचिका में वक्फ जमीन को गलत तरीके से अधिग्रहण करने और भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में अनियमितता का आरोप लगाते हुए अधिग्रहण को चैलेंज किया गया था।
महाकाल महालोक के विस्तार का रास्ता साफ
तकिया मस्जिद मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला प्रशासन के पक्ष में आया है। इस फैसले के बाद महाकाल महालोक के विस्तार का रास्ता साफ हो गया है।
रौशनकुमार सिंह, कलेक्टर









