ड्रग तस्करों से भी जुड़ रहे नकली नोट कांड के तार

उज्जैन। क्राइम ब्रांच और चिमनगंज मंडी पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा सामने लाए गए नकली नोट कांड के तार ड्रग तस्करों के साथ भी जुड़े होने की आशंका सामने आई है। पुलिस को पता चला है कि गिरोह का सदस्य सोनू और सरगना राजेश बरवटे दोनों ही ड्रग तस्करों के संपर्क में थे और नकली नोट छापकर होने वाली आय को ड्रग के धंधे में निवेश करने की योजना बना रहे थे।
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पुलिस ने चार दिन पहले नकली नोट कांड में गऊघाट कॉलोनी निवासी हिमांशु गौसर और हाटकेश्वर विहार कॉलोनी निवासी दीपेश चौहान को गिरफ्तार कर इनके पास से 17 लाख 50 हजार रुपए के नकली नोट जब्त किए थे। इस मामले में गिरोह का सरगना राजेश बरवटे निवासी गंगा विहार कॉलोनी इंदौर और सोनू निवासी हीरामिल की चाल फिलहाल फरार है।
पुलिस को यह भी पता चला है कि राजेश बरवटे इंदौर में ही कोई एजेंसी संचालित करता था। कोरोना काल में एजेंसी में लाखों का घाटा होने के बाद चेक बाउंस के एक प्रकरण में उसे जेल भी जाना पड़ा था। जेल में ही उसे नकली नोट छापने और उन्हें चलाने का आइडिया मिला। जेल से बाहर आने के बाद उसने यूट्यूब पर नकली नोट प्रिंट करने से जुड़े कई वीडियो देखे और इसके बाद सोनू की मदद लेकर नकली नोट छापने का काम शुरू कर दिया।









