दीक्षा के 12 साल बाद गृहनगर आएंगे विनम्र सागर जी, उत्सव की तैयारी

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। 12 साल पहले छत्तीसगढ़ के रायपुर के कैवल्यधाम में दीक्षा लेकर जैन संत बनने वाले विनम्र सागर जी सोमवार को शहर आएंगे। उनके आगमन से हर्षित जैन समाज ने तीन दिवसीय उत्सव का आयोजन किया है।
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महाकाल वाणिज्य केंद्र में रहने वाले 48 वर्षीय रितेश नाहर ने २०१३ में संन्यास ले लिया था। उपाध्याय महेंद्र सागर जी और मनीष सागर जी के सानिध्य में दीक्षा लेकर वे जैन संत बन गए थे। उन्हें मुनि विनम्र सागर नाम दिया गया था। दीक्षित होने के बाद विनम्र सागर जी देशभर का भ्रमण करते रहें, अब वह अपने गुरु और ठाणे के साथ शहर आ रहे हैं। उनके स्वागत की जोरदार तैयारी की जा रही है। इस मौके पर तीन दिनी आयोजन रखा गया है। इसकी शुरुआत सोमवार सुबह ७.३० बजे से नवकारसी से होगी। शिव पैलेस होटल के पास डॉ. विसी जैन यहां नवकारसी की जाएगी। यहां से ठाणा महाकाल वाणिज्य केंद्र स्थित ज्योतिषधाम पहुंचेगा। सुबह 9.30 बजे से प्रवचन शुरू होंगे। सुबह 11.30 बजे स्वामी वात्सल्य होगा।
वीडी मार्केट में प्रवचन, शांतिनाथ मंदिर सराफा में स्वाध्याय
ज्योतिष धाम से मंगलवार सुबह विहार कर ठाणा वीडी मार्केट जाएगा। यहां सुबह ९ से १० बजे तक प्रवचन होंगे। यहां से विहार कर ठाणा शांतिनाथ मंदिर सराफा पहुंचेगा। यहां दोपहर में स्वाध्याय और शाम को प्रवचन होंगे। ३१ दिसंबर तक ठाणा अवंतिका पाश्र्वनाथ के लिए विहार करेगा। मुनि विनम्र सागर जी के सांसरिक भाई रूपेश नाहर ने बताया कि पीएचडी शिक्षित विनम्र सागर जी ने १२ साल पहले (2013 )दीक्षा ली थी। सांसरिक जीवन में उनकी मां विजया नाहर, भाई रूपेश नाहर हैं। ज्योतिष के मुनिश्री गहरे जानकार हैं। उनके साथ गुरु उपाध्याय महेंद्रसागर जी और मनीष सागर जी और मुनि मंडल (ठाणा) रहेंगे। इस मौके पर तीन दिनी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सांसरिक जीवन में रितेश नाहर









