महाकाल फेज 2- अधूरे काम पूरे होते ही बदल जाएगा…. मंदिर का स्वरूप

242 करोड़ रुपए होंगे खर्च

47 हेक्टेयर का हो जाएगा महाकाल परिसर
2000 कमरों का बनेगा भक्त निवास
चंद्रशेखर कहार उज्जैन। नए साल में महाकाल मंदिर के फेज 2 के विकास कार्य भक्तों के लिए सुविधाओं के कई रास्ते खोलेंगे। फेज 2.0 में कई बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। इनमें नीलकंठ द्वार, अन्न क्षेत्र, महाराजवाड़ा परिसर का पुनर्विकास (सम्राट विक्रमादित्य होटल ), रुद्र सागर सौंदर्यीकरण, अंडरग्राउंड टनल, शिखर दर्शन सुविधा और 2000 कमरों का भक्त निवास मुख्य हैं। इन निर्माण कार्यों का मकसद भक्तों को बेहतर अनुभव प्रदान करना है, जो श्रद्धालुओं को गुड फीलिंग देंगे। महाकाल लोक 2.0 के यूं तो कई प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं जबकि कुछ पर अभी भी काम चल रहा है। उम्मीद है कि 2026 मेें यह भी पूरे हो जाएंगे। फेज 2 में निर्माण पर करीब 242 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। मंदिर परिसर का क्षेत्रफल 2.8 से बढ़कर करीब 47 हेक्टेयर हो जाएगा
यह होगा फायदा
फेज 2.0 के पूरे होते ही मंदिर परिसर में कई सुविधा बढ़ जाएगी। पार्किंग, ठहरने की व्यवस्था, बेहतर भोजन, घूमने-देखने की नई जगहें पर्यटकों के शहर में अधिक दिन तक रुकने को मजबूर करेगी। इसका फायदा शहर की अर्थव्यवस्था को होगा।
महाराजवाड़ा परिसर- महाराजवाड़ा स्कूल भवन अब हेरिटेज होटल में तब्दील हो चुका है। यहां कुंभ संग्रहालय भी है। इसमें सिंहस्थ ,कुंभ के इतिहास और धार्मिक महत्व को दर्शाया है। हेरिटेज होटल की खासी डिमांड है। अच्छी बुकिंग को देखकर २०२६ में यहां और कमरे बढ़ाए जाने की तैयारी की जा रही है।
नीलकंठ वन (अनुभूति वन)- महाकवि कालिदास के मेघदूतम की परिकल्पना के आधार पर यहां सुंदर लैंडस्केपिंग, फव्वारे और भगवान शिव से जुड़े भित्ति चित्र लगाए हैं। बड़ा गणेश मंदिर के पास स्थित नीलकंठ वन 2026 में प्रारंभ हो सकता है।
रुद्रसागर का सौंदर्यीकरण- फेज 2 में यह काम पूरा हो चुका है। सागर के जलस्तर में सुधार, लैंडस्केपिंग और मनोरंजन क्षेत्रों का निर्माण चल रहा है। इसके चारों ओर लेक फ्रंट विकसित किया गया है।
अंडरग्राउंड टनल- अंडरग्राउंड टनल तैयार हो गई है। 2026 में इसे और सुविधायुक्त कर दिया जाएगा।
शिखर दर्शन- शिखर दर्शन के लिए मंदिर के पीछे विशेष स्थान बनाया गया है। 2026 में इसे भी दर्शनार्थियों के लिए खोल दिया जाएगा।
भक्त निवास और पार्किंग- फेज 2.0 में 2 हजार कमरों के भक्त निवास और पार्किंग का काम बाकी है। यहां 500 गाडिय़ों की पार्किंग हो सकेगी।









