इंदौर में दूषित पानी से 20 मौत हाईकोर्ट बोला- ये हेल्थ इमरजेंसी

3 वेंटिलेटर पर 16 लोगों को आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा
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इंदौर। भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों की संख्या 18 से बढ़कर 20 हो गई है। इलाके में बड़ी संख्या में बोरिंग का यूज बंद कर दिया है। इस बीच अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या में कमी आई है। हाईकोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई में नाराजगी जताते हुए कहा था कि ये हेल्थ इमरजेंसी है। इस घटना से इंदौर की छवि धूमिल हुई है।
कोर्ट ने कहा- शहर पूरे देश में चर्चा का विषय बना
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच मेें 5 याचिकाओं की एक साथ सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट में कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा- इस घटना ने इंदौर शहर की छवि को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। देश का सबसे स्वच्छ शहर कहलाने वाला इंदौर अब दूषित पानी की वजह से पूरे भारत में चर्चा का विषय बन गया है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि सिर्फ इंदौर ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में स्वच्छ पानी जनता का मौलिक अधिकार है और इससे किसी भी हाल में समझौता नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि यदि भविष्य में आवश्यकता पड़ी तो दोषी अधिकारियों पर सिविल और क्रिमिनल लायबिलिटी भी तय की जाएगी। साथ ही संकेत दिए कि अगर पीडि़तों को मुआवजा कम मिला है तो उस पर भी अदालत उचित निर्देश जारी करेगी। यह हेल्थ इमरजेंसी है।
मुआवजा : दो नए नाम जुड़े
प्रशासन की परिजन को मुआवजा देने के लिए बनाई सूची में दो नए नाम हैं। इनमें रामकली जगदीश व श्रवण नत्यु शामिल हैं। इनके
सहित मुआवजा सूची में 15 नाम हो गए हैं।
5013 घरों तक पहुंचीं टीमें
सीएमएचओ डॉ. माधव प्रसाद हासानी के मुताबिक 61 टीमें बनाई गई थीं। इन टीमों में नर्सिंग ऑफिसर, सीएचओ, आशा और एएनएम शामिल हैं। जिन्होंने घरों में रियल टाइम सर्वे किया है। दो दिनों में ये टीमें 5013 घरों तक पहुंची हैं। 24786 लोगों से संपर्क कर उन्हें उचित परामर्श दिया है।
मरीजों की संख्या में कमी
अस्पतालों में मरीजों की संख्या में कमी जरूर आई है, लेकिन आईसीयू में मरीजों की संख्या पहले की तुलना में बढ़ी है। अब आईसीयू में 16 मरीज हैं। इनमें से 3 वेंटिलेटर पर हैं। इससे पहले सोमवार को 15 और रविवार को 7 मरीज आईसीयू में भर्ती थे। आज कांग्रेस प्रदर्शन करेगी।
कलेक्टर और निगम कमिश्नर रोज कर रहे निरीक्षण आज नर्मदा जल सप्लाई की टेस्टिंग होगी….
कलेक्टर शिवम वर्मा और नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने बुधवार को भी भागीरथपुरा क्षेत्र की बस्तियों और कॉलोनी का निरीक्षण किया। इस दौरान सीवरेज और नर्मदा पाइपलाइन के लीकेज सुधार के कामों का जायजा लिया और दिशा निर्देश दिए। स्थानीय रह वासियों से भी वाटर सप्लाई को लेकर जानकारी ली गई। निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने बताया कि क्षेत्र में घर-घर और गली-गली जाकर रहवासियों को जानकारी दी जा रही है कि आज दोपहर में नर्मदा पानी की सप्लाई टेस्टिंग के लिए की जाएगी। अनाउंसमेंट किया जा रहा है कि पानी के सप्लाई दौरान घर की नर्मदा लाइन की टोटी को बंद ही रखें, पानी का इस्तेमाल ना करें। इलाके में पर्याप्त मात्रा में टैंकर से पानी सप्लाई किया जा रहा है। टैंकर का पानी उबालकर और छानकर ही पीएं। भागीरथपुरा पानी की टंकी से क्लोरीनेशन वाटर सप्लाई की टेस्टिंग आज फिर की जाएगी।
कोबो टूल से रिकॉर्ड
कोबो टूल एक ऑनलाइन मोबाइल एप है। इससे भागीरथपुरा के हर घर का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया गया है। किस घर में बीमारी की गंभीरता ज्यादा थी, कितने सदस्य बीमार थे, पानी को साफ रखने को लेकर उनकी जानकारी सहित कई प्रश्न किए गए। भागीरथपुरा में दूषित पानी से फैली बीमारी के बाद इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च के सर्वे में 17 गलियां संक्रमित मिली हैं। 61 टीमों 5013 घरों का सर्वे किया और करीब 25 हजार लोगों तक पहुंचे। इसमें से 40 से 50 प्रतिशत क्षेत्र प्रभावित मिला है।









