चोरी के बाद आरोपी से ही मांगे सीसीटीवी फुटेज

आनाकानी की तो शक के दायरे में आ गया, मामला ओम सांई ओम मल्टी में चोरी का
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उज्जैन। नीलगंगा क्षेत्र के ओम सांई ओम अपार्टमेंट के एक फ्लैट में रहने वाले दवा कारोबारी के यहां लाखों की चोरी हो गई। चोरी का पता चलने के बाद दवा कारोबारी ने संदिग्ध से ही सीसीटीवी के फुटेज मांग लिए। उसने खुद तो फुटेज देने से मना किया ही, दूसरे लोगों को भी कहना शुरू कर दिया कि आप भी फुटेज मत देना। बस यहीं से वह शंका के दायरे में आ गया और पुलिस की हिरासत में पहुंच गया।
ओम सांई ओम अपार्टमेंट के 103 नंबर फ्लैट में मयूर सुनील कृष्णानी का परिवार रहता है। दवा बजार में मयूर कृष्णानी की फर्म है। 21 दिसंबर को दीपावली पूजन के बाद उन्होंने अपने घर की अलमारी के लॉकर में करीब 400 ग्राम सोने व चांदी के आभूषण, 500 ग्राम चांदी के सिक्के और 12 से 15 लाख रुपए कैश रखे थे। 20 दिसंबर को उनकी पत्नी मायके चली गई। दिन के वक्त मयूर कृष्णानी अपनी फर्म पर चले जाते थे और उस वक्त घर पर ताला रहता था।
31 दिसंबर को जब पत्नी वापस लौटी और उन्होंने लॉकर खोलकर देखा तो उसमें से गहने और नकदी नदारद मिले। इसके बाद मयूर कृष्णानी ने पहले तो खुद का घर टटोला इसके बाद आस पड़ोस में रहने वाले लोगों से घरों के बाहर लगे सीसीटीवी के फुटेज मांगे। उनके फ्लैट के पास ही लविश टहलवानी का भी फ्लैट है, यहां भी कैमरे लगे हैं। मयूर ने लविश से इनकी रिकॉर्डिंग मांगी तो उसने बता दिया कि डीवीआर ही खराब है। मयूर एक अन्य पड़ोसी के पास फुटेज मांगने पहुंचे तो लविश ने उन्हें भी फोन कर कह दिया कि फुटेज मत देना। इसके बाद ही लविश शंका के दायरे में आ गया। बुधवार को दवा कारोबारी मयूर कृष्णानी नीलगंगा थाने पहुंचे और चोरी की एफआईआर दर्ज कराई। एफआईआर में उन्होंने बतौर संदेही लविश टहलवानी का नाम भी लिखाया।
महंगा मोबाइल, लग्जरी लाइफ स्टाइल
सुनील कृष्णानी ने पुलिस को जानकारी दी है कि पिछले कुछ दिनों में पड़ोसी लविश की लाइफ स्टाइल बहुत बदल गई है। उस पर काफी कर्ज था इसके बाद भी वह महंगा मोबाइल फोन खरीदकर लाया है। खुद पर पहले से कहीं अधिक खर्च करने लगा है। माधवनगर सीएसपी दीपिका शिंदे के मुताबिक एफआईआर में संदेही के तौर पर लविश का नाम है लिहाजा उससे पूछताछ की जा रही है। फिलहाल पुलिस की टीम चोरी गए माल की रिकवरी के काम में लगी है, रिकवरी होने पर इस प्रकरण का खुलासा हो जाएगा, लेकिन इसमें कुछ वक्त लगेगा।
बैग चोरों को पनाह देने वाले लॉज संचालक पर प्रकरण
उज्जैन। महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं की कारों के कांच फोडक़र उनमें रखा सामान चुराने वाली गैंग के पनाहगार लॉज संचालक के खिलाफ महाकाल थाने में आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल गैंग का कोई सदस्य पुलिस के हाथ नहीं लगा है। दिसंबर के आखिरी सप्ताह में शहर में एक के बाद चार ऐसी घटनाएं हुई थीं, जिनमें एक ही गैंग के सदस्य पार्किंग में खड़ी कारों के कांच तोडक़र यात्रियों का सामान चुरा ले गए।
नानाखेड़ा पुलिस ने इस मामले की जांच आगे बढ़ाई तो पता चला कि यह गैंग तेलंगाना से उज्जैन आई थी। कहारवाड़ी इलाके में मंगलम लॉज में सभी लोग कुछ दिन रुके भी लेकिन यहां लॉज संचालक के पास न तो इनके आधार कार्ड मिले न ही वास्तविक नाम। रजिस्टर में दर्ज मोबाइल नंबर भी गलत लिखे थे। इसी आधार पर अब महाकाल थाने में मंगलम लॉज के संचालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है।









