लालपुर ब्रिज अधूरा… 30 मीटर हिस्से के लिए अटका 538 मीटर लंबा ब्रिज

रेलवे की लेटलतीफी से अधर में लटका काम अधूरे हिस्से की अब तक ड्राइंग ही फाइनल नहीं
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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। देवास रोड को मक्सी और गरोठ रोड से कनेक्ट करने के लिए बनाया जा रहा लालपुर ब्रिज ढाई साल बाद भी अब तक अधूरा है। इसके पीछे रेलवे निर्माण विभाग की लेटलतीफी सामने आई है। दोनों ओर के हिस्सों का 70 प्रतिशत काम होने के बाद भी रेलवे प्रबंधन पटरी के ऊपर बनाए जाने वाले महज 30 मीटर हिस्से की अब तक ड्राइंग ही फाइनल नहीं कर सका है। इस संबंध में रेलवे पीआरओ का कहना है कि जल्द ही फाइनल स्वीकृति मिल जाएगी जिसके बाद वर्कऑर्डर जारी कर काम शुरू करवाया जाएगा।
दरअसल, इस पंचक्रोशी मार्ग को आगामी सिंहस्थ के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए ढाई साल पहले मार्च 2023 से लालपुर के पास रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज का निर्माण शुरू करवाया गया था। इसके लिए सेतु निगम ने 25.50 करोड़ का बजट पास करते हुए गुजरात की कंपनी को ठेका दिया। शर्तों के मुताबिक 2 साल यानी मार्च 2025 में यह ब्रिज पूरा हो जाना था लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इसके बाद ब्रिज बनाने वाली कंपनी ने विभाग से सात 7 माह का अतिरिक्त समय लिया। इस दौरान कंपनी ने 70 प्रतिशत काम निपटा दिया। अब रेल की पटरी के ऊपर बनने वाले हिस्से के कारण काम अटक गया है। अचरज की बात यह है कि रेलवे प्रबंधन ने पटरी के ऊपर आने वाले हिस्से को बनाने के लिए अब तक इसकी ड्राइंग ही फाइनल नहीं की है। यदि ेऐसे ही लेटलतीफी होती रही तो सिंहस्थ 2028 से पहले इसे पूरा करना मुश्किल हो जाएगा।
अपने मापदंडों पर बनवाने की रखी थी शर्त
लालुपर के पास जो ब्रिज बन रहा है वह 538 मीटर लंबा है। कुल 25 करोड़ 44 लाख 26 हजार रुपए की लागत से बनने वाले ब्रिज में से रेलवे पटरी के ऊपर आने वाला 30 मीटर का हिससा रेलवे ने अपने मापदंडों के अनुसार अपने स्तर से बनाने की शर्त रखी थी। इस हिस्से के कारण ब्रिज का काम भी अटका पड़ा है।
इनका कहना : लालपुर ब्रिज के अधूरे हिस्से का निर्माण करवाने के लिए रेलवे निर्माण विभाग ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। कुछ ही दिनों में ड्राइंग की फाइनल स्वीकृति भी मिल जाएगी।
– मुकेश कुमार, पीआरओ, रतलाम रेलवे मंडल









