मकर संक्रांति पर्व…. आसमान में छाएगा ऑपरेशन सिंदूर, गूंजेगा ‘काटा है’ का शोर

गुजरात और यूपी से आ रही पतंग और बरेली से मांझा
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ऑपरेशन सिंदूर वाली पतंगों की डिमांड, बाजार में 5 से लेकर 250 रुपए तक की पतंग
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। मकर संक्रांति पर्व में दो दिन का समय शेष है। युवाओं और बच्चों पर पतंगबाजी की खुमारी सिर चढ़कर बोल रही है। बाजार भी रंगबिरंगी और नई डिजाइन की पतंगों से सज गए हैं। वहीं पतंगबाज मांझे और पतंग की खरीदी में जुटे हैं। इस बार मकर संक्रांति पर आसमान ऑपरेशन सिंदूर के रंग में नजर आएगा। कर्नल सोफिया कुरैशी, विंग कमांडर व्योमिका सिंह से लेकर पीएम नरेंद्र मोदी तक पतंग पर नजर आएंगे।
दरअसल, सूर्य उपासना, पर्व स्नान और तिल गुड़ के विशेष महत्व वाले मकर संक्रांति त्यौहार में पतंग उड़ाने का विशेष महत्व है। हर वर्ष पतंग बाजार में अलग-अलग थीम पर पतंग आती हैं, वहीं इस बार ऑपरेशन सिंदूर थीम वाली पतंग आई हैं। इन पतंगों पर पीएम मोदी, कर्नल सोफिया और विंग कमांडर व्योमिका सिंह के तस्वीरों के साथ बड़े अक्षरों में ऑपरेशन सिंदूर 7 मई 2025 लिखा हुआ है जो पतंग उड़ाते वक्त भी साफ नजर आएगा इन पतंगों की कीमत 10 रुपए है और लोग काफी संख्या में इन्हें खरीद भी रहे हैं। इसके अलावा कार्टून कैरेक्टर और फिल्म स्टार की तस्वीरों वाली पतंग भी काफी पसंद की जा रही है। मुख्य रूप से तोपखाना, शहीद पार्क, सिंधी कॉलोनी में बड़ी तादाद में पतंग की दुकानें लगी हैं।
आसमान में मनेगा जश्न
पहलगाम में हुए हमले के बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान को उसकी करतूतों का करारा जवाब दिया था। भारतीय सेना ने पाकिस्तानी आतंकवादियों को उनके घर में घुसकर मारा था। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का जश्न अब मकर संक्रांति पर भी मनाने की तैयारी शहरवासी कर रहे हैं। यही वजह है कि पतंग बाजार में ऑपरेशन सिंदूर की झलक साफ दिखाई दे रही है।
गुजरात से आ रही पन्नी की पतंग
शहीद पार्क पर पतंग दुकान लगाने वाले महानंदानगर निवासी अशोक श्रीवास्तव ने बताया कि सादी पतंग के साथ पन्नी की पतंग की डिमांग भी काफी है। यह पतंग मुख्य रूप से गुजरात के अहमदाबाद, नडियाद और सूरत से आती है। इसके अलावा यूपी के रामपुर से पतंग भी है। कीमतों की बात करें तो बाजार में ५ रुपए से लेकर २५० रुपए तक की पतंग मौजूद हैं। इसमें सबसे आकर्षक हेलिकॉप्टर पतंग है। हेलिकॉप्टर के आकार वाली इस पतंग की कीमत २५० रुपए है। वहीं बड़ी पन्नी की पतंग ५० रुपए की है। मांझे की बात करें तो बरेली का मांझा काफी फेमस है। वहीं अहमदाबाद से मांझा आता है। ४ रील की एक फिरकी की कीमत ५०० से ७०० रुपए के बीच है। इसके अलावा गट्टे भी सूते जा रहे हैं।
वज्र से अनाउंसमेंट, ड्रोन से निगरानी
जैसे-जैसे संक्रांति पर्व नजदीक आ रहा है, वैसे ही महाकाल पुलिस भी एक्शन में आ गई है। शनिवार को वज्र वाहन से तोपखाना और बेगमबाग क्षेत्र में अनाउंसमेंट की गई। इसके अलावा ड्रोन से छतों की निगरानी की गई। एएसआई चंद्रभानसिंह चौहान ने बताया कि अनाउंसमेंट में लोगों से कहा गया कि वह अपने और अपने बच्चों को समझाएं कि वह चायना डोर का इस्तेमाल ना करें, यह जानलेवा है। अगर कोई चायना डोर से पतंग उड़ाते या बेचते पकड़ाया तो उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। इसके अलावा पुलिस ने ड्रोन के माध्यम से छतों पर निगरानी भी की और देखा कि कोई भी प्रतिबंधित चायना डोर से पतंग तो नहीं उड़ा रहा। इसके बाद पुलिस तोपखाना में दुकानों पर भी पहुंची और सर्चिंग की। उन्होंने दुकानदारों से कहा कि किसी भी हालत में मकर संक्रांति पर्व पर प्रतिबंधित चायना डोर ना बेची जाए। आपको बता दें कि महाकाल थाने के साथ ही नीलगंगा और चिमनगंज मंडी पुलिस भी अब तक चोरी-छिपे डोर बेचने वालों पर कार्रवाई कर बड़ी तादाद में मौत की डोर जब्त कर चुकी है।
डोर बेचने आया तो पकड़ाया, जुलूस निकाला, खरीदने वालों पर भी केस
इधर, बडऩगर पुलिस ने शनिवार को मुखबिर की सूचना पर चायना डोर बेचने आए शख्स को पकड़ा। वह हजारी बाग सती माता मंदिर के पास किसी को डोर देने के लिए खड़ा था। पूछताछ में उसने अपना नाम जय पिता जगदीश सोनी निवासी आजाद चौक, बडऩगर बताया। उसके पास से चायना डोर एक गट्टा जब्त किया गया। इस दौरान चायना डोर का गट्टा खरीदने आए इंगोरिया क्षेत्र निवासी दो नाबालिग सहित जय सोनी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया। इसके बाद आरोपी जय सोनी का जुलूस भी निकाला गया। टीआई अशोक कुमार पाटीदार ने बताया कि रोज दुकानों की चैकिंग कर दुकानदारों को समझाइश दी जा रही कि चायना डोर का इस्तेमाल करना प्रतिबंधित है, इसे ना बचें, इससे किसी की जान भी जा सकती है।









