पीएसएलवी-सी-62 रॉकेट रास्ते से भटका, मिशन फेल

तीसरे स्टेज में गड़बड़ी आई…. अन्वेषा सहित 15 सैटेलाइट लेकर गया था
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08 महीने पहले भी मिशन तकनीकी खराबी के कारण तीसरे स्टेज में फेल हो गया था
श्रीहरिकोटा। इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन के साल 2026 का पहला सैटेलाइट मिशन PSLV-C62 फेल हो गया है। इस मिशन के तहत, PSLV रॉकेट सोमवार सुबह 10.18 बजे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित अंतरिक्ष केंद्र से 15 सैटेलाइट लेकर उड़ा था। मिशन का मकसद अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट, EOS-09 अन्वेषा और 14 को-पैसेंजर सैटेलाइट को 512 किलोमीटर की सन-सिंक्रोनस ऑर्बिट (स्स्ह्र) में स्थापित करना था। इसरो चीफ डॉ. वी नारायणन ने कहा कि रॉकेट लॉन्चिंग के तीसरे चरण में गड़बड़ी आ गई, जिसके कारण वह रास्ता भटक गया। 8 महीने पहले, मई 18 2025 को इसरो का PSLV-C-61 मिशन भी तकनीकी खराबी के कारण तीसरे स्टेज में फेल हो गया था। इस मिशन में श्वह्रस्-09 अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट को 524 किमी की सन-सिंक्रोनस पोलर ऑर्बिट में स्थापित किया जाना था।
जंगल-बंकरों में छिपे दुश्मनों को ढूंढ सकता है
अन्वेषा को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ने विकसित किया है। यह उन्नत इमेजिंग क्षमताओं से लैस एक स्पाई (खुफिया) सैटेलाइट है, जिसका मकसद सटीक निगरानी और मैपिंग करना है। यह धरती से कई सौ किलोमीटर ऊपर होने के बावजूद झाड़ी, जंगलों या बंकरों में छिपे दुश्मनों की तस्वीरें खींच सकता है। अन्वेषा सैटेलाइट उन्नत इमेजिंग क्षमता के लिए बनाया गया है।
15 सैटेलाइट्स में 7 भारतीय और 8 विदेशी
EOS-N11 मिशन इसरो के साल 2026 का पहला सैटेलाइट मिशन लॉन्च है। इस मिशन को न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड ने ऑपरेट किया है। NSIL, ISRO की कॉमर्शियल इकाई है। जिन 15 सैटेलाइट्स को लॉन्च किया गया है, उनमें 7 भारतीय और 8 विदेशी सैटेलाइट हैं। हैदराबाद स्थित ध्रुवा स्पेस ने इस लॉन्च के जरिए अपने 7 सैटेलाइट्स अंतरिक्ष में भेजे थे। अन्य 8 विदेशी सैटेलाइट्स में फ्रांस, नेपाल, ब्राजील और यूके के सैटेलाइट शामिल थे। यह अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट बनाने और उसके लॉन्च के लिए किया जा रहा 9वां कॉमर्शियल मिशन था। यह भारत के प्राइवेट स्पेस सेक्टर के लिए अहम माना जा रहा था।









