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अगले 8 दिन विशेष सतर्कता के, गले में मफलर और चेहरा ढंक कर निकले

सभी ब्रिज पर सुरक्षा तार लगाना जरूरी, गला काट सकती है चायना डोर

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कहीं कट ना जाए जीवन डोर

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। मकर संक्रांति नजदीक है। पतंगबाजी जमकर होगी और ऐसे मेें वाहन चालकों अगले आठ दिन विशेष रूप सतर्कता बरतें। डोर के नुकसान से बचने के लिए गले मेें मफलर बांध कर निकले। चेहरा और हाथ भी ढंककर रखें।

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इस तरह के संदेश सोशल मीडिया पर वायरल होना शुरू हो गए। जो काफी हद तक सही भी हैं। अगर सावधानी नहीं रखी तो इंदौर की तरह यहां भी गलाकाट दुर्घटनाएं हो सकती हैं। पिछले दो दिनों में चायना डोर ने इंदौर में कई लोगों के गले काट दिए। रविवार को मात्र ४ घंटे में इंदौर में चायना डोर के कारण तीन दर्दनाक घटनाएं बाइक सवार युवकों के साथ हुई। खजराना ब्रिज पर टाइल्स ठेकेदार के गले को चायना डोर ने ऐसा चीरा कि गले को काटकर वो रीड की हड्डी तक पहुंच गई। इस खूनी मांजे से गंभीर घायल दो अन्य युवकों के गले की सर्जरी कराना पड़ी है।

प्रदेश में एकसाथ सख्ती नहीं
इंदौर-उज्जैन संभाग में एक महीने से चायना डोर की बिक्री-उपयोग पर प्रतिबंध है और पकड़े जाने पर कड़ी सजा के प्रावधान है। उज्जैन में तो प्रशासन सतर्क है लेकिन इंदौर मेें ढील बरती गई। परिणाम सामने है। इंदौर से दूसरे शहरों में भी चायना डोर आसानी से पहुंचती रही। इसी तरह प्रदेश के अन्य जिलों में भी चायना डोर पर सख्ती नहीं बरती गई। इस कारण चायना डोर पर पूरी तरह कंट्रोल नहीं हुआ।

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हाईकोर्ट में देना होगा जवाब
इंदौर हाई कोर्ट के स्पष्ट आदेशों के बावजूद इंदौर और उज्जैन संभाग में चाइनीज डोर की बिक्री पर पूरी तरह रोक नहीं लग पाई है। मंगलवार को इस मामले की सुनवाई होनी है, जिसमें डिविजन बेंच के सामने प्रशासन को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी। अदालत ने स्वत: संज्ञान लेते हुए पुलिस और प्रशासन से जवाब तलब किया था।

यह सुरक्षा उपाय अपनाएं चालक

  • गले में मफलर लगाकर निकलें।
  • चेहरा व हाथ मोटे कपड़े से ढंककर रखें।
  • बच्चों को दोपहिया पर आगे नहीं बैठाएं।
  • वाहन धीमा रखें, पुल से गुजरते वक्त विशेष सावधानी बरतें।

जीरो पाइंट ब्रिज के पोल पर बंधा सुरक्षा तार निकला

जीरो पाइंट ब्रिज पर चायना डोर से एक छात्रा की मौत के बाद शहर के जागरुक नागरिकों ने पुल के पोल पर तार बांधना शुरू किया था। ताकि चायना डोर एकदम पुल पर नहीं आए और तार के सहारे ऊपर से ही गुजर जाए। इसके बाद नगर निगम और पुलिस विभाग ने प्रमुख ब्रिजों पर यह तार लगाना प्रारंभ किए थे। जीरो पाइंट ब्रिज पर पिछले दिनो बांधा गया तार कुछ जगह टूट गया है, जो खतरनाक साबित हो सकता है। प्रशासन ने जीरो पाइंट, फ्रीगंज और हरिफाटक ब्रिज पर तो तार लगा दिए हैं, लेकिन मक्सी रोड, चिंतामन, एमआर१०, बडऩगर रोड आदि ब्रिज पर तार नहीं लगाए हैं। यहां भी सुरक्षा उपाय जरूरी हैं।

इसलिए खतरनाक है चायना डोर
चायना डोर मैटेलिक पाउडर से तैयार किया जाता है। इसमें कांच और लोहे के महीन चूरे लगाए जाते हैं। नायलोन का होने की वजह से यह स्ट्रेचेबल होता है। इस वजह से यह आसानी से नहीं टूटता है। मेटालिक पाउडर से तैयार होने के कारण इसमें करंट आसानी से हो जाता है। मांझे के बिजली के तारों पर गिरने से करंट प्रवाहित होने का डर रहता है। पतंग उड़ाने वाले को भी कई बार बिजली का झटका लग चुका है। इसके अलावा कांच के चूरे से लोग जख्मी होते रहते हैं।

दो पतंग उड़ाने वाले भी धराए
प्रतिबंधित नायलॉन(चायना) डोर के उपयोग के खिलाफ पुलिस का शिकंजा अब तक केवल डोर की बिक्री करने वालो तक सीमित रहा। रविवार को पहली बार पुलिस ने प्रतिबंधित डोर से पतंग उड़ाने वाले के खिलाफ भी केस दर्ज किया है। तिरूपति एवेन्यू के गार्डन से नायलान डोर से पतंग उड़ा रहे 25 साल के युवक चित्रांश पिता इंद्रेश कुमार सक्सेना को चिमनगंज मंडी पुलिस ने गिरफ्त में लिया। इस इलाके में पुलिस की टीम सर्चिंग कर पतंग उड़ाने वालो की डोर जांच रही थी, इसी दौरान चित्रांश पकड़ा गया। इसी तरह मोहन नगर क्षेत्र में चेकिंग के दौरान पुलिस की टीम ने प्रतिबंधित डोर से पतंग उड़ा रहे ईशान पिता बंसतीलाल शर्मा उम्र 28 साल निवासी गली नंबर 3 मोहन नगर को भी गिरफ्तार किया गया है।

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