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हनी सिंह ने उज्जैन के कॉस्मेटिक व्यापारियों को ठगा, लाखों का सामान ले रफूचक्कर

एक महीने पहले उज्जैन आकर कारोबार शुरू करने वाला रातोंरात चंपत

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। इंदौर से एक महीने पहले उज्जैन आकर नया कारोबार शुरू करने वाला एक कथित व्यापारी यहां के कॉस्मेटिक कारोबारियों के साथ लाखों रुपए की ठगी कर फरार हो गया है। उसने यहां आकर कुशलपुरा में दुकान किराए पर ली। बड़े कॉस्मेटिक कारोबारियों से संपर्क किया। बड़े ऑर्डर देकर नकद में माल भी उठाया और इसके बाद जब भरोसा बन गया तो सभी दूर से लाखों रुपए का माल उठाकर भाग निकला। कॉस्मेटिक कारोबारियों ने देवासगेट थाने में मामले में शिकायत दर्ज करवाई है। शुरुआती जानकारी सामने आई है कि उसने उज्जैन में ही 10 से ज्यादा कारोबारियों के साथ करीब 40 लाख रुपए की ठगी की है।

कुशलपुरा में त्रिमूर्ति टॉकीज (अब जमींदोज) के सामने रामेश्वर सोनगरा का मकान है। यहीं नीचे के तल पर दुकानें बनी हैं। डेढ़ महीने पहले भतीजे के किसी संपर्क के जरिए इंदौर के एक व्यापारी ने रामेश्वर सोनगरा से संपर्क किया और 10 हजार रुपए महीने पर दुकान किराए पर लेने की मंशा जताई। उसने खुद का नाम हनी सिंह बताया था। दुकान किराए का एग्रीमेंट रेखा निवासी विजयनगर (इंदौर) के आधार कार्ड की फोटोकॉपी देकर करवाया। वह रेखा को खुद की पत्नी बता रहा था। रेखा इंटरप्राइजेस के नाम से नवंबर में सोनगरा की किराए की दुकान में कारोबार शुरू किया।

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उज्जैन में खुद की पेढ़ी बनाने के बाद उसने देवासगेट-इंदौरगेट क्षेत्र के कई थोक कॉस्मेटिक कारोबारियों से संपर्क किया। 8 से 10 कारोबारी ऐसे थे जिनसे उसने दो से पांच लाख तक के डायपर, क्रीम, हेयर ऑयल, साबून, सेल इस तरह का माल थोक में खरीदा और हाथोंहाथ उसका भुगतान भी किया। करीब एक महीने तक सतत कथित हनीसिंह व्यापारियों के पास ऑर्डर लगाता रहा और माल उठाता रहा। गत मंगलवार को एकाएक वह नदारद हो गया उसका मोबाइल नंबर भी बंद हो गया, कुशलपुरा की दुकान के भी ताले नहीं खुले। इस बात को आठ दिन बीत चुके हैं। अब शहर के कई सारे कारोबारी कुशलपुरा में रेखा इंटरप्राइजेस पर पहुंचते हैं। ताला लगा देखते है और दुकान मालिक से पूछताछ कर वापस लौट जाते हैं।

एग्रीमेंट के लिए साथ लाया महिला को

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कुशलपुरा में उक्त ठग को किराए की दुकान उपलब्ध कराने वाले रामेश्वर सोनगरा ने बताया कि कथित हनीसिंह ने खुद को इंदौर का बड़ा व्यापारी बताया था। उसके साथ एक ओर शख्स आया था जिसनें खुद का नाम नहीं बताया। उससे 10 हजार रुपए प्रति महीना दुकान किराए पर देने का 11 महीने एग्रीमेंट हुआ। यह एग्रीमेंट उसने रेखा नामक महिला के नाम पर किया। रेखा का पता आधार कार्ड की कॉपी में विजयनगर (इंदौर) दर्ज है। खास बात यह है कि आधार कार्ड में व्यक्ति के मूल नाम के साथ उसके पिता या पति का नाम भी दर्ज होता है। ठग द्वारा रेखा के आधार की जो कॉपी दी गई, उसमें कहीं पिता या पति का नाम दर्ज नहीं है, यह आधार भी फर्जी हो सकता है। दुकान मालिक सोनगरा ने बताया कि वह केवल एग्रीमेंट साइन करवाते वक्त एक महिला को साथ लेकर आया था, उसे खुद की पत्नी रेखा बता रहा था।

इंदौर में ढाई करोड़ से अधिक की चपत

उज्जैन में कास्मेटिक कारोबारियों के साथ ठगी करने वाला शख्स कभी खुद को हनीसिंह बताता है कभी शंकरसिंह। उज्जैन के कारोबारियों से बातचीत में पता चला है कि उक्त व्यक्ति ने इंदौर में भी काछी मोहल्ला इलाके में फर्म डाली थी। वहां भी इसने व्यापारियों को करीब ढाई करोड़ रुपए की चपत लगाई है।

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