20 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

मौनी अमावस्या पर रामघाट पर उमड़ी भीड़
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उज्जैन। मौनी अमावस्या पर रविवार सुबह रामघाट पर 20 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। शिप्रा नदी में मटमेला व दूषित पानी होने के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं था। इस बीच रामघाट पर कई तरह की अव्यवस्थाएं भी सामने आईं।

दरअसल, माघ महीने की अमावस्या तिथि पर पवित्र तीर्थ पर स्नान और दान का सनातन परंपरा में विशेष स्थान माना गया है। हर साल की तरह रामघाट पर रविवार सुबह हजारों की संख्या में श्रद्धालु जुटे। सुबह 5 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच रामघाट पर 20 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं के स्नान किए जाने की खबर है। रामघाट के दोनों ओर फिलहाल नवीन ब्रिज बनाने का काम चल रहा है। नृसिंह घाट और छोटी रपट दोनों ही ओर ब्रिज निर्माण करने वाले ठेकेदारों ने नदी में मलबा डालकर बीच के हिस्से को पोखरनुमा बना दिया है।
यही वजह है कि नर्मदा लाइन का जल भी रामघाट तक नहीं पहुंच सका। पूल निर्माण की वजह से नदी का जलस्तर भी सीमित रखना मजबूरी है। मटमैले पानी में ही श्रद्धालुओं को स्नान करना पड़ा। मां शिप्रा तैराक दल के सदस्य संतोष सोलंकी के मुताबिक स्नान के दौरान घाट पर पुलिसबल तो पर्याप्त संख्या में मौजूद था लेकिन नगर निगम की ओर से व्यवस्थाओं में कमी रही। घाट पर न तो वस्त्र बदलने के शेड हंै और न ही पर्याप्त सफाई। पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं की गई थी।










