मौत की सडक़ : एक ही दिन में दो हादसे, फिर दो मौत

उज्जैन-जावरा स्टेट हाइवे बना काल, सबसे ज्यादा मौत इसी सडक़ पर

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन/ नागदा। उज्जैन से जावरा के बीच बना 95 किलोमीटर का स्टेट हाइवे काल बन चुका है। इस हाइवे पर लगभग हर दूसरे दिन किसी न किसी की मौत हो रही है। रविवार को ही दो अलग-अलग हादसों में फिर से दो युवकों की मौत हो गई, दो महिलाएं घायल हुई है। निर्माण के बाद से ही विवादों में रहे उज्जैन-जावरा हाइवे के ब्लैक स्पॉट को दुरुस्त करने और इंजीनियरिंग के मान से इसकी डिजाइन में बदलाव करने की कवायद कई बार की गई लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला। न हादसे रूके न मौत।
जावरा स्टेट हाइवे पर नागदा के नजदीक हताई पालकी गांव में रविवार की दोपहर सडक़ हादसे में रतलाम निवासी एक युवक की मौत हो गई है। इस दुर्घटना में दो युवतियों को भी चोंट आई है। इनकी मोटरसाइकिल सामने से आ रही इको कार से भिड़ गई थी।
मृत युवक का नाम शुभम् पिता महेश परमार निवासी दिलीप नगर रतलाम है। शुभम्, सुनीताबाई और पायल केवट को साथ लेकर उज्जैन में शिप्रा स्नान करने आया था। दोपहर के वक्त वापसी में हताई पालकी यात्री प्रतिक्षालय के सामने इनकी मोटरसाइकिल को सामने से आ रही इको कार ने टक्कर मार दी। दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए शुभम् को जब तक जनसेवा अस्पताल ले जाया जाता, उसकी मौत हो चुकी थी। सुनीताबाई और पायल केवट को भी चोंटे आई है। इको कार में इंदौर निवासी अनिकेत प्रजापत व राजेश प्रजापत सवार थे जो नागदा से इंदौर की ओर लौट रहे थे। बिड़लाग्राम पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर आरोपी कार चालक के खिलाफ जांच शुरू की है।
दो ओर दुर्घटना दो की मौत
घट्टिया थाना क्षेत्र में भेरू इमली उटेसरा के पास 54 साल के भेरूलाल पिता हट्टा को पिकअप वाहन चालक ने टक्कर मार दी थी। 25 दिसंबर की शाम को हुई इस घटना के बाद भेरूलाल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गत दिनों इलाज के दौरान भेरूलाल ने दम तोड़ दिया। इसी तरह चिमनगंज मंडी क्षेत्र में रहने वाले 56 साल के मोहनलाल पिता रामाजी को 9 जनवरी को घट्टिया में एक डंपर चालक ने टक्कर मार दी थी। इलाज के दौरान मोहनलाल की भी मौत होने पर घट्टिया पुलिस ने आरोपी डंपर चालक के खिलाफ केस दर्ज किया है।
37 ब्लैक स्पॉट, 10 सही किए फिर भी नहीं रूकी दुर्घटनाएं
लगातार हो रहे हादसों की वजह से कुछ साल पहले मध्यप्रदेश रोड़ डेवलपमेंट कार्पोरेशन (एमपीआरडीसी) ने उज्जैन जावरा रोड़ पर 37 ब्लेक स्पॉट को चिन्हित किया था। इनमें से 10 के कर्व सही भी किए गए, इसके बावजूद इस सडक़ पर दुर्घटनाओं में मौत का आंकड़ा थमा नहीं है। जिले में पूरे साल इसी सडक़ पर सबसे ज्यादा मौत दर्ज की जाती है।
सडक़ सुधारने की फिर से कवायद
एमपीआरडीसी ने पिछले साल नवंबर महीने में उज्जैन सहित प्रदेश के 11 जिलों में सडक़ो की इंजीनियरिंग में बदलाव के लिए कंसलटेंट नियुक्ति का आदेश जारी किया है। अकेले उज्जैन जिले में हाइवेज पर 41 ऐसे स्थान चिन्हित किए गए है जहां दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सडक़ की डिजाइन बदलना जरूरी है। सेफ्टी कंसलटेंट के जरिए इन ब्लेक स्पॉट को सही किया जाना है। हादसे रोकने के लिए केवल सलाह देने के ही कंसलटेंट को 2 करोड 89 लाख रुपए का भुगतान किया जाना है।
रात 10 बजे फिर एक मौत
जावरा रोड़ पर ही हताई पालकी के नजदीक रात 10 बजे फिर से एक हादसा हो गया। नागझिरी में रहने वाला 27 साल का युवक सुल्तान पिता सलीम खान इस हादसे में मौत का शिकार हुआ है। सुल्तान और उसका दोस्त रेहान पिता मंसूर रविवार को हुसैन टेकरी जावरा पर जियारत के लिए गए थे। मोटरसाइकिल से रात में दोनों ही वापस उज्जैन की ओर लौट रहे थे, रूईगढ़ा के नजदीक कोई अज्ञात वाहन का चालक इनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मारकर फरार हो गया। दोनों घायलों को जब तक जिला अस्पताल लाया गया, सुल्तान की मौत हो चुकी थी। वह ड्राइवर का काम करता था। सोमवार की सुबह जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद सुल्तान के शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।









